दक्षिणी लेबनान पर इजरायली वायुसेना का बड़ा हमला, अल-मानसौरी शहर में हुए जोरदार धमाके

लेबनान के दक्षिणी हिस्से में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और आम लोगों की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को तड़के इजरायली युद्धक विमानों ने दक्षिणी लेबनान के अल-मानसौरी शहर पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए। लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक इन हमलों के बाद इलाके में भारी धमाकों की आवाजें दूर-दूर तक सुनी गईं जिससे स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया है।
कई अन्य इलाकों को भी बनाया गया निशाना
बीते 24 घंटे के दौरान इजरायली सेना ने सिर्फ अल-मानसौरी ही नहीं बल्कि कई अन्य जगहों पर भी भारी गोलाबारी और एयरस्ट्राइक की। इजरायली बलों ने अली अल-ताहर हिल पर हवाई हमले और तोप से गोले दागे। इसके साथ ही बिنت जबेल जिले के हद्दाता और तैरी शहरों में भी बमबारी की घटनाएं दर्ज की गईं। इसके अलावा कफर रुम्मान के पास भी हमले किए गए। अल-मानसौरी में तोप से गोले बरसाए जाने के अलावा अल-तैरी, स्रेब्बिन, जवतार शार्किएह, तल्लौसेह, बनी हय्यान, हौला, खियाम और कफर तेबनित जैसे कई इलाकों में लगातार धमाकों की आवाजें सुनी गईं।
अमेरिका की मध्यस्थता और सीजफायर की कोशिशें
यह तमाम सैन्य कार्रवाई उस समय हो रही है जब अमेरिका की अगुवाई में दक्षिणी लेबनान से इजरायली सैनिकों को हटाने और वहां सुरक्षा के नए नियम तय करने के लिए बातचीत जारी है। संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन यानी UNIFIL ने भी अपने कामकाज वाले इलाके में सैन्य गतिविधियों के बहुत ज्यादा बढ़ने की पुष्टि की है। हालांकि शुक्रवार को हुए इन हमलों में किसी के हताहत होने या किसी खास इमारत के टूटने की तुरंत कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
हिजबुल्लाह पर लगाया गया था उल्लंघन का आरोप
इजरायल की तरफ से यह कदम हिजबुल्लाह द्वारा संघर्ष विराम नियमों को तोड़ने के जवाब में उठाया गया है। इससे पहले इजरायली सेना ने अल-मानसौरी के रहने वाले लोगों को चेतावनी देते हुए इलाका खाली करने के आदेश भी जारी किए थे। इस संघर्ष की वजह से लेबनान के दक्षिणी इलाकों में रह रहे आम नागरिकों का जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में निकलने को मजबूर हैं।