Gaza City में इसराइली एयरस्ट्राइक, पुलिस मुख्यालय पर हुए हमले में कम से कम 9 लोगों की मौत।

Praggya Singh sabal19 August 20262 min read33 viewsWorld
Gaza City में इसराइली एयरस्ट्राइक, पुलिस मुख्यालय पर हुए हमले में कम से कम 9 लोगों की मौत।

गाजा सिटी के पुलिस मुख्यालय पर हुए एक बड़े इसराइली हमले में कम से कम 9 फिलिस्तीनियों की जान चली गई है। इस घातक हमले में पुलिसकर्मी और आम नागरिक दोनों शामिल बताए जा रहे हैं। चिकित्सा सूत्रों और स्थानीय गजा अधिकारियों के अनुसार, इस खौफनाक घटना में करीब 15 लोग घायल भी हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। यह पूरी घटना ऐसे समय पर सामने आई है जब एक तरफ इलाके में लगातार सैन्य अभियान चल रहा है और दूसरी तरफ युद्धविराम यानी सीजफायर को लेकर कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं।

इसराइली सेना का पक्ष और हमले की वजह

इसराइली सैन्य बलों यानी IDF की तरफ से यह बयान सामने आया है कि उनका यह ऑपरेशन विशेष रूप से हमास के उन कमांडरों और ऑपरेटरों को निशाना बनाने के लिए था, जो इसराइली सैनिकों पर हमलों की योजना बना रहे थे। सेना का कहना है कि नागरिकों को कम से कम नुकसान हो, इसके लिए सटीक हथियारों और एरियल सर्विलांस का इस्तेमाल किया गया था। इसराइल का यह भी दावा है कि इस हमले में मारे गए लोगों में एक हमास कंपनी कमांडर भी शामिल था, जिसका संबंध 7 अक्टूबर 2023 के हमलों से जुड़ा हुआ था। हालांकि, हमास ने इन तमाम दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे अपनी आक्रामकता को सही ठहराने का एक बेबुनियाद बहाना करार दिया है।

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फिलिस्तीनी प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों की प्रतिक्रिया

हमास के नियंत्रण वाले आंतरिक मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे एक नया और क्रूर नरसंहार बताया है। उनका कहना है कि सिविल पुलिस फोर्स को निशाना बनाकर जानबूझकर अराजकता फैलाने की कोशिश की जा रही है। इस घटना के बाद गाजा प्रशासन ने मिस्र, कतर और तुर्किए जैसे अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों से तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है ताकि पुलिसकर्मियों और आम जनता पर बढ़ रहे इस तरह के हमलों को रोका जा सके।

सीजफायर वार्ताओं पर मंडराता खतरा

यह हमला ठीक उस समय हुआ जब अमेरिकी दूत Jared Kushner और इसराइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के बीच गाजा के डिमिलिटराइजेशन और स्थानीय बुनियादी ढांचे की जरूरतों को लेकर महत्वपूर्ण बैठकें हुई थीं। हमास के अधिकारियों का साफ कहना है कि नुसीरत और तुफ्फा इलाके में किए गए इन ताबड़तोड़ हमलों से चल रही शांति और युद्धविराम वार्ताओं को बड़ा झटका लगा है और बातचीत का पूरा प्रोसेस खतरे में पड़ गया है।

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