दक्षिण लेबनान के कफ़र हत्ता (Kfar Hatta) इलाके में 5 अप्रैल 2026 को हुए एक भीषण इसराइली हवाई हमले में सात लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मरने वालों में एक ही परिवार के छह लोग शामिल थे, जिनमें चार साल की एक मासूम बच्ची भी थी। लेबनानी सिविल डिफेंस और वहां की सरकारी मीडिया ने इस घटना की पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि यह परिवार पहले ही दक्षिण के एक दूसरे शहर से विस्थापित होकर सुरक्षित ठिकाने की तलाश में यहाँ आया था, लेकिन हमले की चपेट में आ गया।

लेबनान हमले और हताहतों से जुड़े मुख्य आंकड़े

  • कफ़र हत्ता गांव: यहाँ एक हवाई हमले में 7 लोगों की मौत हुई।
  • टायर और मारकेह: इसराइली हमलों में टायर शहर के पास मारकेह में भी कम से कम 5 लोगों की जान जाने की खबर है।
  • निकासी आदेश: इसराइली सेना ने हमले से पहले इलाके को खाली करने की चेतावनी दी थी, लेकिन परिवार के पास साधन न होने की वजह से वे वहां से नहीं जा सके।
  • बेरूत का हाल: इसराइली सेना ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों (दहियेह) में भी इमारतों को खाली करने की चेतावनी के बाद कई हमले किए हैं।

हिजबुल्लाह की जवाबी कार्रवाई और क्षेत्रीय तनाव

इसराइली हमलों के जवाब में हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसने लेबनानी तट से दूर समुद्र में मौजूद एक इसराइली युद्धपोत पर क्रूज मिसाइल से हमला किया। यह हमला आधी रात को किया गया था। इसराइल की सेना ने यह भी बताया कि यमन की ओर से उनकी तरफ एक मिसाइल दागी गई थी जिसे ट्रैक किया गया। इस पूरी घटना के बाद लेबनान और आसपास के इलाकों में माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है।

इसराइल ने आरोप लगाया है कि हिजबुल्लाह संयुक्त राष्ट्र के शांति सैनिकों (UNIFIL) की चौकियों का इस्तेमाल ढाल के रूप में कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक UNIFIL चौकियों के पास से अब तक करीब 165 रॉकेट दागे गए हैं। हवाई हमलों और मिसाइल हमलों के कारण आम नागरिकों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और विस्थापित लोग अब सुरक्षित जगहों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।