गाज़ा में इसराइली हवाई हमलों से फिर मची तबाही, सात लोगों की मौत से तनाव का माहौल.

रविवार, 23 अगस्त 2026 को गाज़ा पट्टी में इसराइल की तरफ से किए गए कई हवाई हमलों में कई लोगों की जान चली गई। इन ताजा हमलों के बाद अक्टूबर 2025 में अमेरिका के समर्थन से हुए संघर्षविराम की स्थिरता को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई है, जिनमें तीन महिलाएं और एक छोटा बच्चा शामिल है। गाज़ा सिटी के अल-शिफा अस्पताल में इन सभी के शवों को लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उनकी मौत की पुष्टि की। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम और डर का माहौल बना हुआ है, और आम लोग अपनी सुरक्षा को लेकर काफी डरे हुए हैं।
इसराइली सेना का बयान और कार्रवाई की वजह
इसराइली रक्षा बलों यानी IDF ने खुद इस बात की पुष्टि की है कि उन्होंने मध्य गाज़ा पट्टी के ज़वायदा शहर और उसके पास स्थित नुसीरात शरणार्थी शिविर को निशाना बनाकर कई हमले किए। सेना का यह कहना है कि उन्होंने यह सैन्य कार्रवाई हमास की तरफ से संघर्षविराम के नियमों का उल्लंघन किए जाने के जवाब में की है। इसके अलावा, सेना ने मघाज़ी शिविर के पास एक और हमले की जानकारी दी, जिसमें इस्माइल अबू फुल नाम का एक हमास कमांडर मारा गया। इसराइली सेना का आरोप था कि यह कमांडर टैंक-रोधी रॉकेट और विस्फोटक उपकरण बनाने के काम में शामिल था। IDF के अधिकारियों ने यह भी बताया कि वे ज़वायदा और नुसीरात में हुए हमलों की परिस्थितियों की पूरी जांच कर रहे हैं कि आखिर वहां क्या-क्या हुआ था।
गाज़ा की तरफ से इसराइली इलाकों में लगातार ड्रोन, गुब्बारे और पतंगें भेजे जाने के बाद इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय से रविवार को एक सख्त बयान जारी किया गया। इस बयान में चेतावनी दी गई है कि अगर इस तरह की हरकतें तुरंत बंद नहीं की गईं, तो सैन्य अभियानों को और ज्यादा तेज कर दिया जाएगा। प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि अगर हालात नहीं सुधरे तो नागरिकों को खास इलाकों को खाली करने का आदेश दिया जा सकता है। दूसरी तरफ, हमास के अधिकारियों ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि इसराइल लगातार संघर्षविराम का उल्लंघन कर रहा है और गाज़ा में चल रहे संघर्ष को खत्म करने के सभी शांतिपूर्ण प्रयासों को नाकाम करने में लगा हुआ है।
मिस्र की प्रतिक्रिया और घायलों की स्थिति
इस पूरे मामले को लेकर मिस्र के विदेश मंत्रालय ने भी एक औपचारिक बयान जारी कर इन हवाई हमलों की कड़ी निंदा की है। मिस्र ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है ताकि इस विवाद को और अधिक बढ़ने से रोका जा सके। हमलों के बाद से दर्जनों लोग घायल बताए जा रहे हैं, जिनका इलाज जारी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और मेडिकल टीमें लगातार दिनभर की घटनाओं में हुए नुकसान और घायलों का आंकड़ा जुटाने में लगी हुई हैं ताकि स्थिति का पूरा जायजा लिया जा सके।