दक्षिणी लेबनान में इसराइल के ताबड़तोड़ हवाई हमले जारी, अली अल-ताहिर हाइट्स पर बरसे बम.

Praggya Singh sabal22 August 20262 min read55 viewsWorld
दक्षिणी लेबनान में इसराइल के ताबड़तोड़ हवाई हमले जारी, अली अल-ताहिर हाइट्स पर बरसे बम.

लेबनान के दक्षिणी हिस्से में इसराइली सेना ने एक बार फिर से भारी सैन्य हमले तेज कर दिए हैं। 22 अगस्त 2026 को सामने आई रिपोर्ट्स के अनुसार, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अली अल-ताहिर की पहाड़ियों को निशाना बनाकर नए सिरे से हवाई हमले किए गए हैं। इस क्षेत्र में इस महीने यानी अगस्त के दौरान लगातार सैन्य गतिविधियां बढ़ रही हैं, जिसमें नबातिएह के आसपास के इलाकों में लगातार बमबारी और तोप से गोले दागे जा रहे हैं। आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं क्योंकि लगातार हो रहे धमाकों से इलाके में डर का माहौल बना हुआ है।

लेबनानी मीडिया और सरकारी एजेंसियों की पुष्टि

शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की थी कि इसराइली युद्धक विमानों ने इन पहाड़ियों पर कई हवाई हमले किए। इन सैन्य कार्रवाइयों के दौरान मशाआ अल-मंसूरी और मरकबा में भी तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इससे पहले, 20 अगस्त 2026 को इसराइली सेना ने सीरिया के गोलान हाइट्स के पास जुबता अल-खशाब के दक्षिणी कृषि क्षेत्रों में तोप से गोलाबारी की थी। इसके अलावा किंफर रूमाने, अली अल-ताहिर हाइट्स, मंसूरी, मजदाल जौन और खियाम में एक बड़ा विस्फोट भी दर्ज किया गया था। लगातार हो रही इन कार्यवाहियों से पूरा सीमावर्ती इलाका दहल उठा है।

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ड्रोन हमले के बाद भड़की हिंसा

क्षेत्र में तनाव उस समय अपने चरम पर पहुंच गया जब 15 अगस्त 2026 को हुए एक ड्रोन हमले में अली अल-ताहिर क्षेत्र में इसराइल के तीन सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके जवाब में इसराइली सेना ने 11 अगस्त से 17 अगस्त के बीच बड़े पैमाने पर हवाई और ड्रोन अभियान चलाए। इस दौरान हुए कुल हमलों में से लगभग 40 प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले अली अल-ताहिर और उसके आसपास के क्षेत्रों की थी। लेबनान के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस एक हफ्ते के दौरान देश में 11 लोगों की मौत हो गई, जिनमें महिलाएं, बच्चे और दो हिजबुल्लाह कमांडर भी शामिल थे।

दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे और अंतरराष्ट्रीय चिंता

इसराइली सैन्य अधिकारियों का कहना है कि इन पहाड़ियों के नीचे हिजबुल्लाह के गुप्त ठिकाने बने हुए हैं और यह उनके लिए एक मुख्य सैन्य लक्ष्य है। दूसरी तरफ, लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउण और प्रधानमंत्री नवाफ सलाम समेत देश के तमाम बड़े नेताओं ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। उनका साफ कहना है कि यह उनके देश पर सुनियोजित हमले हैं और 14 अप्रैल 2026 को अमेरिका की मध्यदस्थता से हुए युद्धविराम समझौते का खुला उल्लंघन हैं।

इस खतरनाक स्थिति को देखते हुए लेबनान में अभी भी 'असाधारण हाई अलर्ट' घोषित किया गया है। संयुक्त राष्ट्र संघ के यूनीफिल (UNIFIL) मिशन का कार्यकाल साल 2026 के अंत में समाप्त होने वाला है, जिससे पहले अमेरिका सहित कई अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थ इस बड़े संघर्ष को रोकने के लिए लगातार कोशिशें कर रहे हैं ताकि बात और ज्यादा न बिगड़े।

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