Israeli Army Recruitment: इसराइल सेना में महिलाओं की भर्ती का असली कारण आया सामने, खूबसूरती नहीं बल्कि कानून है वजह

सोशल मीडिया पर अक्सर यह चर्चा होती है कि इसराइल की सेना में खूबसूरत महिलाओं को भर्ती किया जाता है, लेकिन असलियत इससे बिल्कुल अलग है. इसराइल में महिलाओं की भर्ती किसी शारीरिक सुंदरता के आधार पर नहीं, बल्कि वहां के कड़े सैन्य कानूनों और सुरक्षा जरूरतों की वजह से होती है. यहां महिलाओं के लिए सेना में सेवा देना एक कानूनी जिम्मेदारी है.

इसराइल सेना में महिलाओं की भर्ती के क्या नियम हैं?

इसराइल में महिलाओं की अनिवार्य सैन्य सेवा की शुरुआत 18 अगस्त 1948 को हुई थी. 1949 के सुरक्षा सेवा कानून के तहत इसे औपचारिक रूप से लागू किया गया. शुरुआत में महिलाएं मुख्य रूप से नर्स, टीचर या क्लर्क जैसे प्रशासनिक कामों में लगी थीं. सामान्य तौर पर महिलाओं के लिए सेवा की अवधि 24 महीने तय है, लेकिन जो महिलाएं लड़ाकू भूमिकाओं में हैं, उन्हें 32 महीने तक सेवा देनी पड़ती है.

समानता और कानूनी बदलाव कैसे आए?

साल 1995 में ‘Alice Miller’ केस के बाद हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि महिलाओं को सेना में समान अवसर मिलने चाहिए. इसके बाद 2000 में कानून में बदलाव किया गया, जिससे महिलाओं को पुरुषों के समान किसी भी सैन्य पद पर काम करने का अधिकार मिला. अब सेना के 90% से ज्यादा पद महिलाओं के लिए खुले हैं. विवाहित महिलाओं, माताओं और गर्भवती महिलाओं को इस सेवा से छूट दी गई है.

महिला सैनिकों की वर्तमान स्थिति और आंकड़े

मार्च 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, इसराइल की सेना में महिलाओं की भागीदारी काफी बढ़ी है. महिलाएं अब केवल ऑफिस के काम तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे साइबर यूनिट, एयर डिफेंस और खुफिया विभाग में भी अहम भूमिका निभा रही हैं. नीचे दी गई टेबल से सेना में महिलाओं की वर्तमान स्थिति समझी जा सकती है:

विवरण आंकड़े (मार्च 2026 तक)
कुल लड़ाकू बल में हिस्सा लगभग 20%
अधिकारी कोर (Officer Corps) 36%
नॉन-कमीशंड ऑफिसर 31%
करियर सर्विस स्टाफ लगभग 35%
लड़ाकू सैनिकों की वृद्धि (2015 से 2026) 7.2% से बढ़कर 21.2%
खुले हुए सैन्य पद 90% से अधिक