दक्षिणी Lebanon में हालात बहुत ही चिंताजनक हो गए हैं। Al Jazeera की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 29 मार्च 2026 को इजरायली तोपखाने ने संयुक्त राष्ट्र के शांति सैनिकों (UNIFIL) के बेस को निशाना बनाया है। इस हमले के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और ज्यादा बढ़ गया है। इजरायली सेना ने लेबनान के भीतर अपनी सैन्य गतिविधियों को पहले के मुकाबले काफी तेज कर दिया है जिससे शांति मिशन पर खतरा मंडरा रहा है।

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हमले के दौरान हुई मुख्य घटनाएं और जान-माल का नुकसान

इस संघर्ष में अब आम नागरिकों और पत्रकारों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। दक्षिणी लेबनान के Jezzine के पास हुए एक अन्य हमले में तीन पत्रकारों की मौत की खबर है। इस घटनाक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी तीखी प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। लेबनान सरकार ने इसे पत्रकारों और बचाव दल पर जानबूझकर किया गया हमला बताया है।

घटना की तारीख मुख्य प्रभावित क्षेत्र प्रमुख घटना
29 मार्च 2026 दक्षिणी Lebanon UNIFIL बेस पर इजरायली तोपखाने का हमला
29 मार्च 2026 Jezzine क्षेत्र इजरायली ड्रोन हमले में 3 पत्रकारों की मौत
29 मार्च 2026 सीमावर्ती क्षेत्र Security Buffer Zone के विस्तार का आदेश
18 मार्च 2026 Al Qawzah इजरायली टैंक की चपेट में आए घाना के शांति सैनिक

इजरायल और लेबनान के बीच बढ़ते तनाव का कारण

इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने अपनी सेना को निर्देश दिया है कि वे दक्षिणी लेबनान में सुरक्षा घेरे (Security Buffer Zone) को और ज्यादा बढ़ाएं। इजरायल का कहना है कि अपनी सुरक्षा के लिए उन्हें यह कदम उठाना पड़ रहा है। वहीं दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्री ने पत्रकारों की मौत को एक सोची-समझी हत्या करार दिया है। UNIFIL ने पहले ही साफ कर दिया था कि सीमा पर भारी गोलीबारी और हवाई हमलों के कारण हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने दोनों पक्षों से अपील की है कि वे युद्ध को तुरंत रोकें ताकि Gaza जैसे हालात लेबनान में न पैदा हों।