लेबनान के दक्षिणी हिस्से में 28 मार्च 2026 को हुए एक इजरायली हमले में तीन पत्रकारों की जान चली गई है। यह हमला उस समय हुआ जब पत्रकार अपनी ड्यूटी कर रहे थे और उनकी गाड़ी पर प्रेस का निशान साफ-साफ लगा हुआ था। Human Rights Watch के रिसर्चर रामजी कैस ने इस घटना को पत्रकारों पर होने वाले लगातार हमलों का हिस्सा बताया है और कहा है कि ऐसे मामलों में कार्रवाई न होने से हमले बढ़ते जा रहे हैं।

किन पत्रकारों की हुई मौत और क्या था पूरा मामला?

इस हमले में मारे गए पत्रकारों की पहचान अली शोएब (Ali Shoeib), फातिमा फतौनी (Fatima Ftouni) और मोहम्मद फतौनी के रूप में हुई है। अली शोएब काफी समय से Al-Manar TV के लिए काम कर रहे थे, जबकि फातिमा और उनके भाई मोहम्मद Al-Mayadeen TV के पत्रकार थे। इजरायली सेना ने अली शोएब को निशाना बनाने की बात स्वीकार की है और उन पर बिना किसी सबूत के हिजबुल्लाह के लिए खुफिया जानकारी जुटाने का आरोप लगाया है।

इजरायली सेना ने अपने बयान में बाकी दो पत्रकारों की मौत के बारे में कोई बात नहीं की। दूसरी ओर, हिजबुल्लाह ने इजरायली आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत युद्ध के दौरान पत्रकारों को सुरक्षा मिली होती है और उन पर जानबूझकर हमला करना युद्ध अपराध माना जाता है।

लेबनान सरकार की प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय नियम

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों और समझौतों का उल्लंघन बताया है। सूचना मंत्री पॉल मोर्सिस ने कहा है कि यह मीडिया और पत्रकारिता के मिशन के खिलाफ एक बड़ा अपराध है। लेबनान सरकार अब संयुक्त राष्ट्र (UN) और यूरोपीय संघ (EU) को इजरायल द्वारा मीडिया और स्वास्थ्य कर्मियों पर किए गए हमलों की एक सूची सौंपने की तैयारी कर रही है।

  • अंतरराष्ट्रीय कानून: जेनेवा कन्वेंशन के अनुच्छेद 79 के तहत पत्रकारों को नागरिक सुरक्षा प्राप्त है।
  • UN प्रस्ताव: सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1738 और 2222 पत्रकारों को निशाना बनाने से रोकते हैं।
  • सरकारी बयान: प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का खुला उल्लंघन कहा है।

मारे गए लोगों और नुकसान का विवरण

28 मार्च को हुए इन हमलों में सिर्फ पत्रकार ही नहीं बल्कि कई स्वास्थ्य कर्मी और आम नागरिक भी हताहत हुए हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्री राकन नासिरुद्दीन ने बताया कि अलग-अलग हमलों में कई पैरामेडिक्स की भी जान गई है।

प्रभावित वर्ग विवरण
पत्रकार कुल 3 पत्रकारों की मौत हुई
स्वास्थ्य कर्मी 9 पैरामेडिक्स मारे गए, कुल संख्या 51 हुई
नागरिक मौतें कार और बाइक पर हुए हमलों में 4 अन्य लोग मारे गए
संबंधित संस्थान Al-Manar TV और Al-Mayadeen TV

पिछले कुछ दिनों से इस क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। इससे पहले भी इजरायली हमले में Al-Manar TV के राजनीतिक कार्यक्रमों के प्रमुख मोहम्मद शेरी और उनकी पत्नी की मौत हो गई थी। हिजबुल्लाह ने भी जवाबी कार्रवाई में उत्तरी इजरायल में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.