Gaza में एक बार फिर भारी तबाही हुई है। मंगलवार, 15 अप्रैल 2026 को इसराइल के हमलों में 11 लोगों की जान चली गई, जिनमें दो मासूम बच्चे भी शामिल थे। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब दुनिया एक सीज़फ़ायर की उम्मीद कर रही थी, लेकिन वहां आम लोगों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है।
हमलों में कहां और कितनी मौतें हुईं?
इसराइल की सेना ने Gaza के अलग-अलग हिस्सों में कई हमले किए, जिससे भारी नुकसान हुआ है। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों और गृह मंत्रालय ने इन मौतों की पुष्टि की है। हमलों का विवरण नीचे दी गई टेबल में है:
| इलाका | नुकसान | खास जानकारी |
|---|---|---|
| Gaza City | 4 मौतें, 9 घायल | एक पुलिस गाड़ी को निशाना बनाया गया, 3 साल के Yahya Al-Malahi की मौत हुई |
| Jabalia (उत्तर Gaza) | 1 मौत | 14 साल के Adam Ahmed Halaa की जान गई |
| Beach Camp (पश्चिमी Gaza) | 5 मौतें | एक कैफे के पास हमला हुआ, इसराइल ने इसे Hamas लड़ाके पर हमला बताया |
| Beit Lahia | 1 मौत | इसराइली फायरिंग में एक व्यक्ति मारा गया |
UN और अन्य संस्थाओं ने क्या कहा?
UN के मानवाधिकार प्रमुख Volker Türk ने कहा कि Gaza में रहने वाले लोग अब भी सुरक्षित नहीं हैं और वहां होने वाले हमलों में लोगों की जान की कोई कीमत नहीं समझी जा रही है। UN के एक्सपर्ट्स ने भी चिंता जताई है कि विस्थापित लोगों के आश्रयों पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का गंभीर उल्लंघन है।
Save the Children समेत पांच बड़ी मानवीय संस्थाओं ने एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका द्वारा समर्थित सीज़फ़ायर प्लान पूरी तरह फेल हो गया है। इसमें बताया गया कि पिछले छह महीनों में हर दिन कम से कम दो बच्चे या तो मारे गए हैं या घायल हुए हैं। लोग भूख और इलाज की कमी से जूझ रहे हैं।
सीज़फ़ायर और नियमों का उल्लंघन
बता दें कि 10 अक्टूबर 2025 को एक सीज़फ़ायर समझौता लागू हुआ था, लेकिन उसके बाद भी हमले जारी रहे। Gaza गवर्नमेंट मीडिया ऑफिस के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2025 से अब तक इसराइल ने करीब 2,400 बार सीज़फ़ायर के नियमों को तोड़ा है।
- कुल मौतों की संख्या 754 तक पहुंच गई है।
- 2,100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
- घायलों में 312 महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं।
- UN के अनुसार, अप्रैल की शुरुआत से अब तक 32 और लोग मारे गए हैं।
