लेबनान में इजराइली ड्रोन हमलों में चार लोगों की जान चली गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और गहरा गया है। लेबनान की नेशनल न्यूज़ एजेंसी (NNA) के अनुसार, ये हमले दक्षिणी लेबनान के अलग-अलग हिस्सों में हुए। इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच यह संघर्ष मार्च की शुरुआत से जारी है, लेकिन हालिया घटनाओं ने इसे और भी गंभीर बना दिया है। संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

हमलों में अब तक कितना हुआ नुकसान?

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि इजराइली कार्रवाई में अब तक मरने वालों की कुल संख्या 1247 तक पहुंच गई है, जबकि 3680 लोग घायल हुए हैं। पिछले 24 घंटों में हुए हमलों का विवरण नीचे दिया गया है:

स्थान नुकसान का विवरण
अल-वासिता अल-कासिमिया कार पर हमले में 2 लोगों की मौत
देइर किफा ड्रोन रेड में 2 लोगों की मौत
कासिमिया रोड वैन पर हमले में 2 लोगों की जान गई
अब्बा और डौएर टाउन हवाई हमले में एक घर तबाह और 1 की मौत

शांति सैनिकों और सैनिकों की मौत से बढ़ी चिंता

संयुक्त राष्ट्र की अंतरिम सेना (UNIFIL) ने पुष्टि की है कि पिछले 24 घंटों के भीतर दक्षिणी लेबनान में उनके तीन शांति सैनिक मारे गए हैं। इंडोनेशिया ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के सम्मान की अपील की है। वहीं, इजराइली सेना (IDF) ने भी माना है कि हिजबुल्लाह के साथ आमने-सामने की लड़ाई में उनके 4 सैनिक मारे गए हैं।

  • इजराइली सेना ने दर्जनों हिजबुल्लाह लड़ाकों को मारने का दावा किया है।
  • हिजबुल्लाह ने इजराइली मरकावा टैंक को मिसाइल से निशाना बनाया है।
  • शांति सैनिकों की मौत की जांच के लिए फ्रांस ने यूएन सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई है।

क्षेत्रीय तनाव और प्रवासियों पर असर

इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सैन्य अभियान को और विस्तार देने का आदेश दिया है ताकि हिजबुल्लाह को सीमा से दूर धकेला जा सके। इस तनाव का असर खाड़ी के अन्य देशों पर भी दिख रहा है। दुबई के पास धमाकों की आवाज सुनी गई और दुबई बंदरगाह पर खड़े एक कुवैती तेल टैंकर ‘अल साल्मी’ पर ड्रोन हमले की खबर आई है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि क्षेत्रीय सुरक्षा सीधे तौर पर उनके काम और यात्रा को प्रभावित करती है।