Gaza City News: इसराइल के ड्रोन हमले में गाजा में मारे गए नौ लोग, लगातार बढ़ रही है हिंसा.

मध्य Gaza City में इसराइल के एक ड्रोन हमले में कम से कम नौ फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत हो गई है। यह जानकारी 19 अगस्त 2026 को स्थानीय एम्बुलेंस सूत्रों द्वारा दी गई है। पिछले 48 घंटों के दौरान गाजा पट्टी में लगातार हिंसक घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे आम लोगों की जिंदगी पूरी तरह बेहाल हो गई है और चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है।
बुधवार को हुए अलग-अलग हवाई हमले
बुधवार, 19 अगस्त 2026 को इसराइल के अलग-अलग हवाई हमलों में कम से कम सात लोगों की जान चली गई। इनमें से छह फिलिस्तीनी नागरिक Gaza City की एक पुलिस पोस्ट पर मारे गए, जबकि एक व्यक्ति की मौत नुसीरात शरणार्थी शिविर में हुई। ये तमाम घटनाएं 18 अगस्त 2026 को हुए एक खतरनाक हमले के तुरंत बाद सामने आईं, जिसमें मछुआरों के बंदरगाह के पास स्थित एक भीड़भाड़ वाले कैफे को निशाना बनाया गया था। उस ड्रोन हमले में एक बच्चे समेत छह से सात लोगों की मौत हो गई थी और 10 से 14 लोग बुरी तरह घायल हो गए थे।
सेना और हमास का आमने-सामने का बयान
इसराइली सेना ने 18 अगस्त के इस ऑपरेशन को शाति इलाके में एक सटीक हवाई हमला बताया है। सेना का कहना है कि यह हमला हमास के उन कमांडरों को निशाना बनाने के लिए किया गया था जो इसराइली सेना पर हमले की योजना बना रहे थे। सेना की ओर से यह भी कहा गया कि नागरिकों को नुकसान से बचाने के लिए जरूरी कदम उठाए गए थे। दूसरी ओर, हमास ने इन घटनाओं को एक नया नरसंहार और सोची-समझी साजिश करार दिया है। हमास ने इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर युद्धविराम वार्ताओं को नाकाम करने का गंभीर आरोप लगाया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस हिंसा में घायल हुए और मारे गए लोगों के शवों को अल-शिफा मेडिकल कॉम्प्लेक्स पहुंचाया गया है। 19 अगस्त को संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सहायता कर्मियों के खिलाफ बढ़ रही हिंसा को बेहद भयानक बताया है। उन्होंने युद्ध के नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए कड़ी जवाबदेही की मांग की है। इसके अलावा इसराइली सेना ने 19 अगस्त को यह भी घोषणा की कि वह हिंड रजब और 15 फिलिस्तीनी पैरामेडिक्स की मौत से जुड़े दो अन्य मामलों में आपराधिक जांच शुरू करेगी, हालांकि सहायता कर्मियों से जुड़ी अन्य घटनाओं को इस जांच के दायरे से बाहर रखा गया है।