दक्षिणी लेबनान में इसराइली ड्रोन हमले में दो लोगों की मौत, सीजफायर उल्लंघन से बढ़ा तनाव.

दक्षिणी लेबनान के Dawhat Kfar Remman इलाके में हुए एक इसराइली ड्रोन हमले में दो लोगों की मौत हो गई है। लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, ये दोनों लोग मोटरसाइकिल पर सवार होकर जा रहे थे, तभी उन्हें निशाना बनाया गया। इस घटना के बाद से वहां का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है और लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है जब पहले से ही दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करने की कोशिशें चल रही थीं और समझौते की बात हो रही थी।
सीजफायर समझौतों के बावजूद लगातार जारी हैं हमले
लेबनान में शांति बनाए रखने के लिए 26 जून 2026 को एक अमेरिकी मध्यस्थता वाला फ्रेमवर्क समझौता साइन किया गया था। इस समझौते के तहत लेबनान में सीजफायर लागू हुआ था और इसराइली सेना को धीरे-धीरे लेबनान के इलाकों से वापस जाना था, जिसके बदले में लेबनान की सेना को वहां तैनात होना था और armed groups को हटाना था। लेकिन इसके बावजूद लगातार हमले जारी हैं और लोग अपनी जान गंवा रहे हैं, जिससे इस समझौते पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।
लेबनानी राष्ट्रपतियों और नेताओं का कड़ा विरोध
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ और प्रधानमंत्री नो साल्म ने इन लगातार हो रही सैन्य कार्रवाइयों की कड़ी निंदा की है और इसे सीधे तौर पर सीजफायर का उल्लंघन बताया है। लेबनानी नेताओं का कहना है कि इस तरह के हमलों से शांति प्रक्रिया को बहुत नुकसान पहुंच रहा है। समझौते के तहत इसराइली सेना की वापसी इस बात पर निर्भर थी कि लेबनान की सेना वहां पूरी सुरक्षा संभाल लेगी, लेकिन इस मामले में कोई पक्की समय-सारणी यानी टाइमटेबल तय नहीं किया गया है, जिसका फायदा उठाकर इसराइल खुद की सुरक्षा का हवाला देकर लगातार हमले कर रहा है।
जुलाई से जारी है बयानबाजी और सैन्य गतिविधियां
बीते महीने जुलाई 2026 में इसराइली रक्षा मंत्री इस्रायल काट्ज़ ने साफ तौर पर कहा था कि इसराइल को उस क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बनाए रखने के लिए किसी से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है, जिससे दोनों देशों के बीच राजनैतिक और सैन्य तनाव और ज्यादा भड़क गया। इसके जवाब में हिजबुल्लाह ने भी एक उचित प्रतिक्रिया देने की चेतावनी दी और इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर संघर्ष को और ज्यादा बढ़ाने का गंभीर आरोप लगाया। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप QNA News की आधिकारिक रिपोर्ट देख सकते हैं।
दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में भारी गोलाबारी
सिर्फ ड्रोन हमला ही नहीं, बल्कि इसराइली सेना ने 24 अगस्त 2026 को दक्षिणी लेबनान के कई अन्य हिस्सों में भी बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चलाए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अली ताहिर के पठार, नबातियेह अल-फौका, कफार्तिबनीत, अरनौौन और टूलौसा जैसे इलाकों में लगातार हवाई और तोप से गोले दागे गए। इसके अलावा, ताल्लात अल-देबास, अली ताहिर के जंगल और दोहा कफारेमैन के बाहरी इलाकों में फास्फोरस शेल का इस्तेमाल किए जाने की भी बात सामने आई है।
सीमावर्ती कस्बों जैसे मंसूरी और हौला में घरों को गिराने और कृषि क्षेत्रों को जलाने की घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं। खियाम के पश्चिमी इलाके में कई घरों को बम से उड़ाए जाने की पुष्टि हुई है। इस पूरे हालात की विस्तृत जानकारी ReliefWeb Report में दी गई है, जिससे यह साफ होता है कि आम लोगों का जीवन इन हमलों की वजह से कितना ज्यादा प्रभावित हो रहा है।