इसराइल की बड़ी कार्रवाई, कलंदिया गांव में दो मंजिला फलस्तीनी घर को किया ध्वस्त, 15 लोग हुए बेघर.

सोमवार, 17 अगस्त 2026 को इसराइली सेना ने कब्जे वाले यरुशलम के उत्तर-पश्चिम में स्थित कलंदिया गांव के अल-बारियात इलाके में एक दो मंजिला आवासीय इमारत को पूरी तरह से गिरा दिया। स्थानीय कार्यकर्ता महौद अवादल्लाह और समाचार एजेंसी वफ़ा की रिपोर्ट के मुताबिक, इस सैन्य कार्रवाई से पहले सेना के जवानों ने पूरी संपत्ति को चारों तरफ से घेर लिया था, जो धीब हमाद नाम के स्थानीय निवासी की थी। इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए इसराइली अधिकारियों ने इस बात का हवाला दिया कि इस निर्माण के लिए इस्राइल से कोई वैध बिल्डिंग परमिट नहीं लिया गया था, जबकि यह बात भी सामने आती रही है कि इस क्षेत्र में फलस्तीनी लोगों को इस तरह के परमिट मिलने में बहुत ज्यादा मुश्किलें आती हैं और उन्हें अक्सर मना कर दिया जाता है।
दो परिवारों का आशियाना उजड़ा
जिस दो मंजिला इमारत को तोड़ा गया, उसका कुल क्षेत्रफल प्रत्येक तल पर 250 वर्ग मीटर था और इस इमारत के भीतर दो अलग-अलग परिवारों के कुल 15 लोग रह रहे थे। इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद अब ये सभी लोग पूरी तरह से बेघर हो चुके हैं और उनके सामने रहने का कोई दूसरा ठिकाना नहीं बचा है। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और स्थानीय लोगों के बीच अपने घरों को लेकर एक नया डर पैदा हो गया है, क्योंकि वहां रहने वाले लोग पहले से ही बहुत सी परेशानियों का सामना कर रहे हैं और उनके लिए हर एक दिन बिताना मुश्किल होता जा रहा है।
वेस्ट बैंक में बढ़ रही हैं ऐसी घटनाएं
यह हालिया घटना कब्जे वाले वेस्ट बैंक क्षेत्र में लगातार बढ़ रही तोड़फोड़ की गतिविधियों के पैटर्न से जुड़ी हुई है, जहां केवल जुलाई 2026 के एक ही महीने के दौरान अधिकारियों ने लगभग 165 संरचनाओं को अपना निशाना बनाया था। इस बढ़ती हुई हिंसा और कार्रवाई को लेकर संयुक्त राष्ट्र यानी UN के मानवाधिकार कार्यालय ने हाल ही में चिंता जताई थी और कहा था कि कब्जे वाले फलस्तीनी क्षेत्र में इस तरह की हिंसा और लोगों की जमीनों पर जबरन कब्जा करने की घटनाएं अब अपनी सारी सीमाएं पार कर चुकी हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस बात की लगातार मांग की जा रही है कि आम नागरिकों को इस तरह से बेघर होने से बचाने के लिए जल्द से जल्द जरूरी कदम उठाए जाएं ताकि लोगों का जीवन सामान्य हो सके।