इजरायली सेना ने सीरियाई गांव में किया प्रवेश, क्षेत्रीय तनाव बढ़ने पर 12 देशों ने जताई कड़ी आपत्ति।

Praggya Singh sabal21 August 20262 min read57 viewsWorld
इजरायली सेना ने सीरियाई गांव में किया प्रवेश, क्षेत्रीय तनाव बढ़ने पर 12 देशों ने जताई कड़ी आपत्ति।

शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को इजरायली सैन्य बलों ने सीरिया के दक्षिण-पश्चिमी कुनेत्र क्षेत्र में अल-रफिद के पश्चिमी हिस्से में प्रवेश किया। सीरिया के सरकारी टेलीविजन अल-इखबरिया के अनुसार, तीन सैन्य वाहनों से लैस एक गश्ती दल ने कब्जा किए गए गोलान हाइट्स से सीरियाई ग्रामीण इलाकों में कदम रखा। स्थानीय संवाददाताओं ने जानकारी दी कि सैनिकों ने मवेशी चराने वालों को डराने के लिए गोलियां चलाईं और फिर वहां से वापस लौट गए। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब कुनेत्र और दाराब क्षेत्रों में सैन्य हलचल काफी बढ़ गई है, जहां इजरायली सेना द्वारा लगातार घरों की तलाशी ली जा रही है, अस्थायी चौकियां बनाई जा रही हैं, निवासियों को हिरासत में लिया जा रहा है, और निगरानी उपकरण लगाए जा रहे हैं।

क्षेत्रीय कूटनीति पर असर और अरब देशों की प्रतिक्रिया

यह जमीनी कार्रवाई उस समय हुई जब इसी हफ्ते उत्तर-पश्चिमी सीरिया के अबू अल-धुहूर एयरबेस पर इजरायली हवाई हमलों के बाद क्षेत्रीय कूटनीतिक तनाव काफी बढ़ गया था। 21 अगस्त को 12 अरब और मुस्लिम देशों के विदेश मंत्रियों ने एक साझा बयान जारी किया। इन देशों में जॉर्डन, सऊदी अरब, कतार, अल्जीरिया, लेबनान, फलस्तीन, तुर्किये, इंडोनेशिया, मलेशिया, मॉरिटानिया, सोमालिया और पाकिस्तान शामिल हैं। इन सभी देशों ने इन हमलों को खतरनाक बढ़ोतरी और सीरिया की संप्रभुता का खुला उल्लंघन करार दिया। इस गठबंधन ने 1974 के डिएंगेजमेंट समझौते का पूरी तरह पालन करने की मांग उठाई है।

इजराइल और तुर्किये के बीच बयानबाजी

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने अबू अल-धुहूर एयरबेस पर किए गए हमले का बचाव करते हुए कहा कि सीरिया सुरक्षा स्थिति को तोड़ने की कगार पर था। इजराइल का आरोप था कि सीरिया तुर्किये के सैनिकों को वहां तैनात करने की अनुमति दे रहा था, जिसे तुर्किये के रक्षा मंत्रालय ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। सीरिया के विदेश मंत्री असाद अल-शिबानी ने 19 अगस्त को इस हमले को एक अनुचित उकसावे की कार्रवाई बताया। इसके अलावा, इजरायली सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल इयाल ज़मीर ने बुधवार को दक्षिणी सीरिया के दौरे के दौरान कहा कि इजराइल अपनी सीमाओं के पास किसी भी दुश्मन ताकत को पैर नहीं पसारने देगा। जूसूर सेंटर फॉर स्टडीज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर 2024 में बशर अल-असद सरकार के पतन के बाद से इजराइल बफर जोन के भीतर या उसके आसपास 11 सैन्य अड्डों और ठिकानों का नेटवर्क स्थापित कर चुका है।

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