West Bank में इस्राइली सेना का बड़ा एक्शन, गाड़ियों पर दागे आंसू गैस के गोले और कड़े प्रतिबंध लागू.

Nura Basta23 August 20263 min read65 viewsWorld
West Bank में इस्राइली सेना का बड़ा एक्शन, गाड़ियों पर दागे आंसू गैस के गोले और कड़े प्रतिबंध लागू.

ऑक्यूपाइड वेस्ट बैंक इलाके में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और आम लोगों की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा घटनाक्रम के तहत इस्राइली बलों ने फिलिस्तीनी नागरिकों की गाड़ियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े जिससे पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई। यह पूरी कार्रवाई रामल्लाह के उत्तर में स्थित ऐन सिनिया गांव के चेकपॉइंट के पास हुई। इस घटना ने आम जनता के लिए सफर करना और भी ज्यादा मुश्किल बना दिया है और सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

चेकपॉइंट्स पर सख्ती और ट्रैफिक की समस्या

23 अगस्त 2026 को हुई इस घटना के दौरान चेकपॉइंट पर भारी पाबंदियां लगाई गई थीं जिसके कारण रामल्लाह से बाहर जाने वाले ट्रैफिक को रोक दिया गया था। फिलिस्तीनी आधिकारिक समाचार एजेंसी WAFA की रिपोर्ट के मुताबिक सैन्य कार्रवाई की वजह से उस पूरे क्षेत्र में भयंकर ट्रैफिक जाम लग गया और लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। स्थानीय लोगों के लिए रोजमर्रा की आवाजाही भी एक बड़ी चुनौती बन गई है क्योंकि सुरक्षा बलों द्वारा लगातार रास्तों को बंद किया जा रहा है और लोगों से पूछताछ की जा रही है।

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इसी दिन वेस्ट बैंक के दूसरे इलाकों में भी एक साथ कई सैन्य अभियान चलाए गए। इस्राइली सैनिकों ने रामल्लाह के उत्तर-पूर्व में स्थित अल-मुघय्यर गांव के पश्चिमी रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया। अक्टूबर 2023 में इस गांव का पूर्वी रास्ता पहले ही बंद कर दिया गया था जिसके बाद यह पश्चिमी रास्ता ही गांव का एकमात्र आने-जाने का जरिया बचा था। इस जगह पर भी सैनिकों ने गाड़ियों को निशाना बनाते हुए आंसू गैस के गोले छोड़े और आम नागरिकों को रोककर मैदान में ही पूछताछ की। इसके अलावा रामल्लाह के पास बुरका इलाके में भी तनाव देखा गया जहां उपनिवेशवादियों ने फिलिस्तीनी घरों के आसपास के क्षेत्रों में धावा बोल दिया। वहीं अल-तैबे के नजदीक एक फिलिस्तीनी युवा को गोली मारकर हिरासत में ले लिया गया।

घायलों की बढ़ती संख्या और गिरफ्तारियां

पूरे वेस्ट बैंक क्षेत्र में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और हालिया आंकड़ों के मुताबिक सैन्य कार्रवाई, सेटलर हमलों और आंसू गैस के असर से कम से कम 20 फिलिस्तीनी घायल हो चुके हैं। इस कुल आंकड़े में 11 लोग ऐसे शामिल हैं जिन्हें तुबास और तयासिर गांवों में हुई सैन्य छापेमारी के दौरान गैस चढ़ने की वजह से सांस लेने में तकलीफ हुई और इनमें चार बच्चे भी शामिल हैं। पूरे क्षेत्र में चलाए गए अलग-अलग अभियानों के दौरान इस्राइली बलों ने 13 से 14 फिलिस्तीनियों को गिरफ्तार किया है जिनमें एक बच्चा भी शामिल है।

बढ़ती हिंसा और सेटलर गतिविधियां

सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ सेटलर यानी यहूदी बस्तियों के लोगों द्वारा की जाने वाली हिंसा में भी तेजी आई है। नablus के दक्षिण में ओसारिन के उत्तरी हिस्से में सेटर्स ने एक गाड़ी और एक कमरे में आग लगा दी और दीवारों पर नस्लीय नारे लिख दिए। इसके अलावा बेथलेहम के पूर्व में स्थित खलैइल अल-लौज इलाके में कृषि संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया गया, पानी की पाइपलाइनें तोड़ दी गईं और कई पेड़ काट दिए गए। बुरिन गांव के खल्लत सेवाड़ इलाके में दो नए मोबाइल घर यानी कारवां रखकर एक पुरानी चौकी का दायरा बढ़ा दिया गया।

दीवार और बस्ती प्रतिरोध आयोग के अनुसार फिलिस्तीनी क्षेत्रों में इस समय सैन्य चौकियों और फाटकों की कुल संख्या बढ़कर 916 हो चुकी है जिनमें से 243 चौकियां 7 अक्टूबर 2023 के बाद से स्थापित की गई हैं। इन तमाम पाबंदियों और लगातार हो रही झड़पों के कारण आम नागरिकों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और हर गुजरते दिन के साथ हालात बदतर होते जा रहे हैं।

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