Lebanon War: दक्षिणी लेबनान में इसराइली सेना का भारी हमला, गोलाबारी और डिमोलिशन ऑपरेशन से हालात हुए तनावपूर्ण।

लेबनान में हालात एक बार फिर से बेहद खराब हो गए हैं और आम लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। शनिवार, 22 अगस्त 2026 की सुबह दक्षिणी लेबनान में इसराइली सैन्य बलों ने भारी तोपखाने से गोलाबारी और बड़े पैमाने पर डिमोलिशन ऑपरेशन को अंजाम दिया। लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक इस सैन्य गतिविधि में मुख्य रूप से al-Mansouri, Bayt al-Sayyad और Majdal Zoun जैसे इलाकों को निशाना बनाया गया, जिससे वहां के स्थानीय लोगों में भारी दहशत फैल गई है।
जून महीने में हुआ संघर्षविराम समझौता टूटा
यह ताज़ा हिंसा उस समय शुरू हुई है जब कुछ महीने पहले जून में एक अमरीकी मध्यस्थता से संघर्षविराम समझौता हुआ था। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य इसराइली सेना की लेबनान से वापसी और लेबनीज आर्मी की तैनाती को आसान बनाना था, लेकिन हालिया हमलों ने इस शांति समझौते को पूरी तरह से खतरे में डाल दिया है। शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को तड़के करीब 2 AM बजे इसराइली युद्धक विमानों ने मानसूरी के तटीय शहर पर बमबारी की, जिसकी गूंज आसपास के कई गांवों तक सुनाई दी। इसके पूरे दिन इसराइली बलों ने बिint जबील जिले के हदाथा और अल-तिरी में इमारतों और संरचनाओं को गिराने का काम जारी रखा और टायर शहर के ऊपर नकली एयर रेड भी किए।
तोपखाने और ड्रोन से लगातार हो रहे हमले
इसराइली सेना के आर्टिलरी यूनिट्स ने अली अल-ताहेर पहाड़ी, दबशा पहाड़ी के आसपास के इलाकों, दावत कफर रेम्मान और मयफादौन के बाहरी इलाकों को अपने निशाने पर लिया। शुक्रवार दोपहर को अरनौन और कफर तिबनित के बीच कई बड़े धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिसके बाद सौर जिले के बौयुत अल-सय्याद में दो अलग-अलग हमले किए गए। इसके अलावा एक इसराइली ड्रोन ने सीमावर्ती शहर शबा में एक चरवाहे के पास स्टन ग्रेनेड भी फेंका, जिससे सुरक्षा के हालात और ज्यादा बिगड़ गए हैं।
इसराइल और लेबनान के अपने-अपने दावे
इसराइली डिफेंस फोर्सेस ने अपने बयान में इन ऑपरेशनों की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्होंने बराशित इलाके में एक ढांचे को निशाना बनाया क्योंकि वहां कुछ संदिग्ध लोग मौजूद थे जो इसराइली सैनिकों के लिए सीधा खतरा बन रहे थे। इसराइल का कहना है कि लेबनानी क्षेत्र से होने वाली रॉकेट फायरिंग सुरक्षा समझौते का उल्लंघन है। वहीं दूसरी तरफ हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि वह पूरी तरह से समझौते का पालन कर रहा है और अमरीकी प्रतिबंधों का उनके प्रतिरोध पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
लेबनीज सरकार ने लिया स्थिति का जायजा
लेबनान के प्रधानमंत्री Nawaf Salam और रक्षा मंत्री Michel Menassah ने जमीनी हालात का जायजा लेने के लिए सौर शहर का दौरा किया। संस्कृति मंत्री Mohammad Wissam Mitri ने संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन यूनिफिल के प्रति इसराइल के सख्त होते रुख पर गहरी चिंता जताई। लेबनान सरकार ने तुरंत हिंसा रोकने और इसराइली सेना की पूरी तरह से वापसी की मांग की है, जबकि इसराइल का कहना है कि सीमा के पास हिजबुल्लाह की मौजूदगी से सुरक्षा की गारंटी मिलना बेहद जरूरी है।