Jerusalem के Silwan इलाके में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। Israeli सेना ने यहाँ के Ras al-Amud इलाके में कई फिलिस्तीनी घरों को गिराने का आदेश दे दिया है। इस खबर के बाद से स्थानीय लोगों में काफी डर और चिंता का माहौल है। यह पूरी जानकारी फिलिस्तीनी समाचार एजेंसी Wafa और Jerusalem Governorate ने साझा की है।

इसराइल ने घर गिराने का क्या कारण बताया है?

Israeli प्रशासन का कहना है कि इन घरों को बनाने के लिए ज़रूरी बिल्डिंग परमिट नहीं लिए गए थे। हालांकि, यहाँ रहने वाले फिलिस्तीनी लोगों का कहना है कि उनके लिए ये परमिट हासिल करना लगभग नामुमकिन है। Jerusalem Governorate ने इस कार्रवाई को फिलिस्तीनियों की मौजूदगी खत्म करने की एक बड़ी साजिश बताया है। वहीं, Israeli नगर पालिका का दावा है कि Al-Bustan इलाके को पब्लिक पार्क (King’s Garden) के लिए रखा गया है और इसे रहने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

पिछले कुछ दिनों में हुई अन्य कार्रवाइयाँ

  • 20 अप्रैल 2026: Silwan के Al-Bustan इलाके में फिलिस्तीनियों की ज़मीन पर बुलडोजर चलाए गए।
  • 25 अप्रैल 2026: एक फिलिस्तीनी निवासी को मजबूर होकर अपना घर खुद गिराना पड़ा।
  • 10 अप्रैल 2026: एक व्यक्ति ने अपना घर खाली करना शुरू किया ताकि उसे गिराया जा सके।
  • 29 अप्रैल 2026: Hebron के Barouq इलाके में एक घर और पानी का कुआं गिराया गया।

घरों को गिराने की बढ़ती रफ्तार और असर

आंकड़ों के मुताबिक, Al-Bustan इलाके में घरों को गिराने की रफ्तार काफी बढ़ गई है। साल 2025 में 13 घर गिराए गए थे, लेकिन साल 2026 में अब तक 17 घरों को मलबे में तब्दील किया जा चुका है। B’Tselem जैसे मानवाधिकार संगठनों ने इस स्थिति पर चिंता जताई है और इसे फिलिस्तीनी लोगों के खिलाफ एक गंभीर हमला बताया है। उनका कहना है कि यह कार्रवाई अब वेस्ट बैंक तक फैल सकती है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

इसराइल ने घर गिराने का मुख्य कारण क्या दिया है?

इसराइल का कहना है कि इन घरों के पास बिल्डिंग परमिट नहीं हैं और कुछ इलाकों को पब्लिक पार्क (King’s Garden) के लिए आरक्षित किया गया है।

साल 2026 में अब तक कितने घर गिराए जा चुके हैं?

Al-Bustan इलाके में साल 2026 में अब तक 17 घर गिराए गए हैं, जबकि पिछले साल 2025 में यह संख्या 13 थी।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.