इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में किया बड़ा धमाका, सीमावर्ती कस्बों में तबाही और गांवों को किया गया नष्ट.

Aanya25 August 20262 min read66 viewsWorld
इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में किया बड़ा धमाका, सीमावर्ती कस्बों में तबाही और गांवों को किया गया नष्ट.

इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के खियाम शहर में एक बड़ा विस्फोट किया है, जिससे सीमावर्ती इलाकों में भारी तबाही फैल गई है। लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी (एनएनए) के अनुसार यह घटना 25 अगस्त 2026 को हुई। इस विस्फोट से ठीक पहले क्षेत्र में सुबह के समय कई हवाई हमले और तोप से गोले बरसाए गए थे।

लेबनान के कई इलाकों में भीषण गोलाबारी

लेबनानी राज्य मीडिया ने बताया कि मारजायून जिले के मर्काबा शहर में तोप से भारी गोलाबारी और नए विस्फोट दर्ज किए गए। इसके अलावा मंसूरी, बीत लिफ़, दोहात कफ़र रौमाने और अली ताहेर रिज पर भी तोपखाने और मशीन गन से हमले किए गए। अदाईसेह और कफ़र किला में हुए तेज धमाके इतने खतरनाक थे कि इजराइल में भूकंप चेतावनी प्रणाली तक सक्रिय हो गई। तयबेह, नूकुरा और डेर सेरियन में बड़े पैमाने पर हुए विस्फोटों के कारण पूरे के पूरे गांव तबाह हो गए हैं।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान

इजरायली लड़ाकू इंजीनियरों ने मज्दला ज़ौन, ऐनाता, जवतार शार्कियेह और मैस अल-जबल के डोबेह सेक्टर में नागरिक संरचनाओं को गिराने के लिए नियंत्रित विस्फोट किए। बुर्ज अल-मौलुक में इजरायली सैनिकों ने घरों के पास मिट्टी के अवरोध खड़े कर दिए। इसके अलावा हरीस और हद्दाथा के बीच जैतून के बागों को जलाने के लिए सफेद फास्फोरस के गोलों का इस्तेमाल किया गया। यातेर में एक इजरायली ड्रोन ने निवासियों पर स्टन ग्रेनेड गिराए, जबकि हमलावर हेलीकॉप्टरों ने तयबेह के पास नदी के किनारों पर मशीन गन से गोलीबारी की।

संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता

संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल लेबनान (UNIFIL) की प्रवक्ता कंडीस आर्डिएल ने नागरिक बुनियादी ढांचे के व्यापक विनाश की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि पूरे के पूरे पड़ोस को मिटा दिया गया है और यह नुकसान चुनिंदा न होकर पूरी तरह से व्यवस्थित है। यूनिफिल ने कफ़र किला से लेकर खियाम और नूकुरा तक घरों, व्यवसायों, स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और उपयोगिता नेटवर्क को हुए नुकसान का दस्तावेजीकरण किया है। आर्डिएल ने चेतावनी दी कि इस तरह की तबाही से सीमावर्ती समुदायों का भविष्य खतरे में पड़ रहा है।

यह सारी कार्रवाई अमेरिका के माध्यम से हुए उस समझौते का उल्लंघन मानी जा रही है जिसके तहत इजराइल को पीछे हटना था और लेबनानी सेना को तैनात होना था। आलोचकों का कहना है कि यह कूटनीतिक प्रयासों की पूरी तरह से असफलता को दिखाता है। इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल कैट्स ने पहले ही लेबनानी सीमावर्ती गांवों में घरों को नष्ट करने की अपनी मंशा जाहिर कर दी थी, जिसकी तुलना गाजा में अपनाई गई विध्वंस रणनीतियों से की जा रही है।

Share:

Comments

Leave a comment