अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कहने पर इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनान की राजधानी बेरूत पर होने वाले सैन्य हमलों को रोकने का फैसला किया है। इस फैसले के बाद इसराइल की घरेलू राजनीति में भारी बवाल मच गया है। इसराइल के कई बड़े नेताओं, पूर्व मंत्रियों और वर्तमान कैबिनेट मंत्रियों ने नेतन्याहू के इस कदम की तीखी आलोचना की है और उन पर देश के हितों से समझौता करने का आरोप लगाया है।
इसराइली नेताओं ने पीएम नेतन्याहू पर क्या आरोप लगाए हैं?
नेतन्याहू के इस फैसले का इसराइल के भीतर ही कड़ा विरोध हो रहा है। राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतमार बेन-गवीर ने खुलकर नेतन्याहू से कहा कि उन्हें ट्रंप को ‘ना’ कहना चाहिए और हिजबुल्लाह पर हमले जारी रखने चाहिए। विपक्ष के नेता यायर लैपिड ने आरोप लगाया कि इसराइल अब पूरी तरह से अमेरिका के इशारों पर चलने वाला देश बन गया है। पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट ने कहा कि सरकार ने देश की संप्रभुता पर से अपना नियंत्रण खो दिया है। इसके अलावा पूर्व रक्षा मंत्री एविग्डोर लिबरमैन ने नेतन्याहू को केवल एक कठपुतली करार दिया है और पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजनकोट ने अमेरिकी निर्देश को बेहद अपमानजनक बताया है।
डोनाल्ड ट्रंप और पीएम नेतन्याहू के बीच क्या बातचीत हुई?
जून 2026 की शुरुआत में दोनों नेताओं के बीच फोन पर काफी तीखी बातचीत हुई थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नेतन्याहू से लेबनान में सैन्य अभियानों को कम करने और केवल सटीक सर्जिकल हमले करने का आग्रह किया था। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर भी लिखा कि उन्होंने नेतन्याहू से बेरूत पर बड़ा हमला न करने को कहा था, जिसके बाद उन्होंने अपनी सेना को वापस बुला लिया। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने हिजबुल्लाह के प्रतिनिधियों से भी बात की है, जो इसराइल पर गोलीबारी रोकने के लिए तैयार हो गए हैं और इसके बदले में इसराइल भी हमले रोकेगा।
इस पूरे विवाद पर प्रधानमंत्री नेतन्याहू का क्या रुख है?
चौतरफा आलोचना झेल रहे प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी सफाई में कहा है कि उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप को साफ बता दिया था कि अगर हिजबुल्लाह ने हमले बंद नहीं किए, तो इसराइल बेरूत में आतंकी ठिकानों पर हमले जरूर करेगा। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से बयान आया है कि दक्षिण लेबनान में सेना का अभियान तय योजना के अनुसार जारी रहेगा। इसराइल ने साफ किया है कि वह युद्धविराम समझौते के तहत अपनी आत्मरक्षा के अधिकार से पीछे नहीं हटेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
डोनाल्ड ट्रंप ने बेंजामिन नेतन्याहू से क्या मांग की थी?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसराइली पीएम से लेबनान पर होने वाले बड़े हवाई हमलों को रोकने और केवल सटीक सैन्य कार्रवाई करने को कहा था।
इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच युद्धविराम की वर्तमान स्थिति क्या है?
दोनों पक्षों के बीच अप्रैल 2026 में अमेरिका की मध्यस्थता में युद्धविराम हुआ था। इसके तहत इसराइल को आक्रामक हमले रोकने थे, लेकिन हमले की स्थिति में आत्मरक्षा का अधिकार हासिल है।
