अमेरिका और ईरान के बीच पिछले हफ्ते एक ceasefire यानी युद्धविराम समझौता हुआ था। लेकिन एक नए सर्वे से पता चला है कि इसराइल के ज़्यादातर लोग इस फैसले के खिलाफ हैं। उन्हें लगता है कि यह शांति ज़्यादा दिनों तक नहीं टिकेगी और जल्द ही फिर से युद्ध शुरू हो जाएगा।

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इसराइल के लोग इस समझौते के खिलाफ क्यों हैं?

हाल ही में हुए सर्वे में पाया गया कि लगभग 61% इसराइली इस युद्धविराम का विरोध कर रहे हैं। साथ ही, 73% लोगों का मानना है कि अगले एक साल के भीतर इसराइल को फिर से सैन्य कार्रवाई करनी पड़ेगी। इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका के फैसले का समर्थन तो किया, लेकिन साफ़ कर दिया कि यह समझौता लेबनान में चल रही जंग पर लागू नहीं होगा।

अमेरिका-ईरान बातचीत और अब तक का अपडेट?

इस समझौते में पाकिस्तान ने बीच-बचाव का काम किया था। इस्लामाबाद में 11 और 12 अप्रैल को बातचीत हुई, लेकिन कोई बड़ा फैसला नहीं हो पाया। अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि ईरान परमाणु हथियारों के विकास पर कोई ठोस आश्वासन नहीं दे पाया। इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 13 अप्रैल को ईरान की समुद्री नाकाबंदी (naval blockade) का ऐलान कर दिया।

युद्धविराम और बातचीत से जुड़ी ज़रूरी जानकारी

तारीख घटना/अपडेट
7 या 8 अप्रैल 2026 अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम घोषित हुआ
9-10 अप्रैल 2026 इसराइल में सर्वे हुआ, जिसमें लोगों ने समझौते का विरोध किया
11-12 अप्रैल 2026 इस्लामाबाद में बातचीत हुई लेकिन कोई बड़ा समझौता नहीं हुआ
13 अप्रैल 2026 डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की समुद्री नाकाबंदी का ऐलान किया
15 अप्रैल 2026 अल जज़ीरा ने इसराइली विरोध की खबर साझा की
21 या 22 अप्रैल 2026 युद्धविराम की समय सीमा समाप्त होने की उम्मीद है