इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू ने एक बड़ा बयान देकर हलचल मचा दी है। उन्होंने अपनी सेना को गाजा पट्टी के 70 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण करने का आदेश दिया है। नेतान्याहू का यह फैसला अक्टूबर 2025 में हुए सीजफायर समझौते के खिलाफ माना जा रहा है। प्रधानमंत्री ने खुद इस बात की पुष्टि की है कि इजराइली सेना पहले से ही गाजा के करीब 60 प्रतिशत हिस्से को अपने नियंत्रण में ले चुकी है।
सीजफायर समझौते को लेकर क्या थे नियम?
अक्टूबर 2025 में अमेरिका की मध्यस्थता में एक सीजफायर समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत इजराइली सेना को एक निर्धारित येलो लाइन तक पीछे हटना था, जिससे उनका नियंत्रण गाजा के लगभग 53 प्रतिशत हिस्से पर ही रहता। लेकिन नए आदेश के बाद अब यह समझौता खतरे में पड़ता दिख रहा है। हमास ने भी हाल ही में इजराइल पर सीजफायर के नियमों को तोड़ने का आरोप लगाया था। बुल्गारिया के राजनयिक निकोले म्लादेनोव ने चेतावनी दी है कि बिना किसी प्रगति के यह येलो लाइन गाजा को हमेशा के लिए बांटने वाली एक स्थायी सीमा बन सकती है।
नेतान्याहू ने कहाँ किया यह बड़ा दावा?
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू ने यह बयान वेस्ट बैंक में स्थित Ein Prat Leadership Academy में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिया। इजराइल के चैनल 12 ने इस बयान को प्रमुखता से दिखाया है। उन्होंने बताया कि पहले सेना का नियंत्रण 50 प्रतिशत क्षेत्र पर था, जिसे बढ़ाकर अब लगभग 60 प्रतिशत कर दिया गया है और अब अगला लक्ष्य इसे 70 प्रतिशत तक ले जाने का है। दूसरी तरफ, गाजा में तनाव लगातार बना हुआ है और हाल ही में हुए हमलों में कई लोगों की जान भी गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इजराइल के प्रधानमंत्री ने गाजा के कितने प्रतिशत हिस्से पर कब्जे का आदेश दिया है?
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू ने इजराइली सेना को गाजा पट्टी के 70 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण स्थापित करने का निर्देश दिया है, जबकि वर्तमान में सेना के पास लगभग 60 प्रतिशत हिस्से का नियंत्रण है।
यह आदेश किस समझौते के खिलाफ है?
यह आदेश अक्टूबर 2025 में अमेरिका की मध्यस्थता में हुए सीजफायर समझौते के खिलाफ है, जिसके तहत इजराइली सेना को केवल 53 प्रतिशत हिस्से तक ही सीमित रहना था।