इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने चुपचाप United Arab Emirates (UAE) का दौरा किया। वहां उन्होंने UAE के राष्ट्रपति Sheikh Mohammed bin Zayed से मुलाकात की। इसराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस गुप्त यात्रा की जानकारी दी है, जो ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच हुई है।

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UAE और Israel की इस गुप्त मुलाकात का क्या कारण था?

इसराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि इस यात्रा से दोनों देशों के रिश्तों में एक ऐतिहासिक बदलाव आया है। यह मुलाकात उस समय हुई जब अमेरिका और इसराइल ईरान के साथ युद्ध लड़ रहे थे, जिसे Operation Roaring Lion कहा जा रहा है। इस युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी और 8 अप्रैल 2026 को युद्धविराम (ceasefire) हुआ था, हालांकि तनाव अभी भी बना हुआ है।

ईरान युद्ध में UAE और इसराइल ने कैसे मिलकर काम किया?

  • सैन्य मदद: युद्ध के दौरान इसराइल ने UAE में अपने Iron Dome डिफेंस सिस्टम और जवानों को तैनात किया था।
  • खुफिया जानकारी: Mossad के प्रमुख David Barnea ने कई बार UAE का दौरा किया ताकि युद्ध की रणनीति बनाई जा सके।
  • संयुक्त हमला: खबरों के मुताबिक, दोनों देशों ने मिलकर ईरान के एक बड़े पेट्रोकेमिकल साइट पर हमला किया था।
  • ईरान की हलचल: हालिया रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान में अपने विमान भेजे हैं और वह फिर से हमला करने की तैयारी कर रहा है।
  • अन्य हमले: Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, इस युद्ध के दौरान सऊदी अरब ने भी ईरान पर गुप्त हमले किए थे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान के साथ युद्ध कब शुरू हुआ था?

ईरान के साथ युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इसराइल ने ईरान के सैन्य और सरकारी ठिकानों पर हवाई हमले किए थे।

Operation Roaring Lion क्या है?

Operation Roaring Lion उस युद्ध को कहा जा रहा है जो 2026 में अमेरिका और इसराइल ने मिलकर ईरान के खिलाफ लड़ा था।