Hebron में इसराइली Settlers का बड़ा हमला, पत्थर तोड़ने वाली खदान में भारी मशीनों को फूंका

वेस्ट बैंक के हेब्रोन इलाके में हिंसा की एक बड़ी घटना सामने आई है जहाँ मुखौटा पहने इसराइली सेटर्स ने एक फिलिस्तीनी खदान पर अचानक हमला कर दिया। यह घटना 21 अगस्त 2026 की रात को हुई जब हमलावर मासाफेर यात्ता क्षेत्र के वादी अल-राखीम में स्थित एक स्टोन क्वारी में घुस गए। इस खदान के मालिक खालिद अल-जाअरीर हैं और सुबह जब स्थानीय लोग वहां पहुंचे तो उन्होंने भारी नुकसान देखा। हमलावरों ने साइट पर मौजूद सुरक्षा गार्डों को काबू में कर लिया और फिर भारी मशीनों को आग के हवाले कर दिया। इस आगजनी में excavators, bulldozers और पत्थर काटने वाले उपकरण पूरी तरह जलकर राख हो गए। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावरों ने संपत्ति पर नस्लीय नारे भी लिखे जिनमें जान से मारने और जबरन विस्थापित करने की धमकियां दी गईं थी।
स्थानीय लोगों ने की विरोध की कोशिश
खदान के अंदर इस घटना के दौरान किसी के हताहत होने की खबर नहीं मिली लेकिन अपनी मशीनों को बचाने के लिए फिलिस्तीनी निवासियों ने घुसपैठियों का सामना करने की कोशिश की थी। इस मामले की जानकारी मिलने के बाद इसराइली सेना मौके पर पहुंची और उन्होंने आगजनी तथा दीवारों पर लिखे गए आपत्तिजनक संदेशों के सबूत जुटाए। इसराइली पुलिस ने इजराइल डिफेंस फोर्सेज यानी IDF के साथ मिलकर गांव का दौरा किया और आधिकारिक जांच के लिए गवाहों के बयान दर्ज किए। आईडीएफ की तरफ से यह बयान जारी किया गया कि वे इस तरह की घटनाओं की कड़ी निंदा करते हैं और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से यह उम्मीद करते हैं कि वे जल्द से जल्द दोषियों को पकड़कर न्याय के कटघरे में खड़ा करेंगे।
वेस्ट बैंक में लगातार बढ़ रही हिंसा
यह हमला ऐसे समय में सामने आया है जब पूरे वेस्ट बैंक में हिंसा की घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है। आंकड़ों के अनुसार 2026 की पहली छमाही में कुल 3,488 सेटर्स हमले दर्ज किए जा चुके हैं। ठीक उसी दिन यानी 21 अगस्त 2026 को हेब्रोन के दक्षिण में स्थित घरों पर भी सशस्त्र सेटर्स ने अलग से हमले किए जिनमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हिंसा के दौरान फिलिस्तीन रेड क्रिसेंट सोसाइटी की एक एम्बुलेंस भी क्षतिग्रस्त हो गई जिससे मेडिकल टीम को घायलों तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।