West Bank में इसराइली सेटलर्स की गुंडागर्दी, घरों को घेरा तो पानी और बिजली के लिए तरसे लोग

वेस्ट बैंक के कुस्रा गांव में इसराइली सेटलर्स ने पिछले एक हफ्ते से तीन फिलिस्तीनी घरों को पूरी तरह घेर रखा है। इस घेराबंदी की वजह से वहां रहने वाले लोग बिना पानी, बिजली और मेडिकल मदद के बुरी तरह फंस गए हैं। यह गंभीर घटना 9 अगस्त 2026 को शुरू हुई थी, जिसके बाद पूरी दुनिया में इस पर सवाल उठने लगे हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी निंदा की जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही है कड़ी निंदा
संयुक्त राष्ट्र की विशेष रिपोर्टर फ्रांसेस्का अल्बानीज़ ने इस नाकाबंदी को सरकारी समर्थन से होने वाली ज्यादती बताया है। इसके अलावा, एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा है कि यह सेटलर्स की हिंसा का एक बड़ा हिस्सा है, जिसका मकसद फिलिस्तीनियों को उनकी ही जमीन से भगाना है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि सेटलर्स ने फिलिस्तीनी रेड क्रिसेंट की उन एम्बुलेंस को भी रोक दिया जो वहां के लोगों तक मेडिकल मदद पहुंचाने की कोशिश कर रही थीं।
इसराइल सरकार और सेना की प्रतिक्रिया
इसराइल डिफेंस फोर्सेस यानी IDF ने इन हरकतों को गलत बताया है और कहा है कि वे इस पूरे मामले की अंदरूनी जांच कर रहे हैं। सेना ने यह भी जानकारी दी कि इलाके में दो अवैध आउटपोस्ट को हटा दिया गया है। रक्षा मंत्री इसराइल कैट्ज ने कहा है कि वे नागरिकों से जुड़े नियमों और कार्रवाई के अधिकारों को सेना से हटाकर पुलिस को सौंपना चाहते हैं। हालांकि, कई लोगों का मानना है कि इस कदम से कोई खास फायदा नहीं होने वाला है।
अमेरिका का कड़ा रुख और आने वाले दौरे
इस मामले पर अमेरिका के राजदूत माइक हक्काबी ने इसमें शामिल लोगों को खुलेआम इसराइली आतंकवादी करार दिया है। अमेरिका के कुछ बड़े अधिकारी जल्द ही इस गांव का दौरा करने वाले हैं ताकि वहां के हालात का जायजा लिया जा सके और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की जा सके। फिलिस्तीनी autoridad के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, साल 2026 के दौरान सेटलर्स की हिंसा की वजह से वेस्ट बैंक में अब तक 87 फिलिस्तीनियों की जान जा चुकी है।