West Bank में बच्चों के स्कूल का रास्ता बंद, इसराइली सेटलर्स ने लगाया कंटीला तार, बढ़ा तनाव

वेस्ट बैंक के उम्म अल-खैर गाँव के बच्चों के लिए स्कूल जाना अब बहुत मुश्किल हो गया है। इसराइली बस्तियों के लोगों ने बच्चों के रास्ते में कंटीले तार लगा दिए हैं, जिससे उनका इकलौता सुरक्षित रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। अब इन मासूम बच्चों को या तो स्कूल जाने से रुकना पड़ रहा है या फिर एक बेहद खतरनाक रास्ते का इस्तेमाल करना होगा।

ℹ: Saudi-US Update: सऊदी और अमेरिका के बीच हुई फोन कॉल, होर्मुज़ जलडमरूमध्य और लेबनान युद्धविराम पर बनी सहमति

बच्चों के स्कूल जाने के रास्ते में आखिर क्या हुआ?

यह घटना 14 अप्रैल 2026 को हुई जब उम्म अल-खैर गाँव के बच्चों ने स्कूल जाने की कोशिश की। वहां उन्होंने देखा कि इसराइली सेटलर्स ने रास्ते में कटीले तार लगा दिए हैं। गाँव काउंसिल के प्रमुख खलील हथालीन ने बताया कि यह रास्ता बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित था। अब बच्चों को कार्मेल बस्ती के पास से होकर जाना होगा, जो रास्ता पहले के मुकाबले दोगुना लंबा और काफी जोखिम भरा है।

इस विवाद पर अलग-अलग पक्षों की क्या राय है?

इस घटना को लेकर इसराइली प्रशासन और मानवाधिकार संगठनों के बीच बहस छिड़ गई है। जहाँ एक तरफ सुरक्षा का हवाला दिया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इसे जमीन हड़पने की साजिश बताया जा रहा है।

पक्ष मुख्य दावा/बयान
उम्म अल-खैर गाँव काउंसिल सेटलर्स जमीन हड़पने के लिए बच्चों का रास्ता बंद कर रहे हैं।
येशा काउंसिल और सेना सुरक्षा कारणों से तार लगाए गए हैं ताकि बस्ती में घुसपैठ न हो।
B’Tselem (मानवाधिकार समूह) इसे फिलिस्तीनियों को डराने और विस्थापित करने का अभियान बताया।
Save the Children 2026 की शुरुआत से ही बच्चों के खिलाफ हिंसा में बढ़ोतरी हुई है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या प्रतिक्रिया हुई?

इस घटना के बाद दुनिया भर के मानवाधिकार संगठनों में गुस्सा है। 17 अप्रैल 2026 को 60 से ज्यादा संगठनों और ट्रेड यूनियनों ने यूरोपीय संघ (EU) से एक बड़ी मांग की है। इन संगठनों ने कहा कि इसराइल द्वारा अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन के कारण यूरोपीय संघ को इसराइल के साथ अपने एसोसिएशन समझौते को निलंबित कर देना चाहिए।

  • संयुक्त राष्ट्र (UN) ने भी वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों की आवाजाही पर बढ़ती पाबंदियों पर चिंता जताई है।
  • मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि बच्चों को शिक्षा से रोकना अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है।
  • अंतरराष्ट्रीय समुदाय इसराइली बस्तियों को अवैध मानता है।