इसराइल के सैनिक ने ईसा मसीह की मूर्ति का किया अपमान, दुनिया भर में बढ़ा गुस्सा, नेतन्याहू ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश
दक्षिणी लेबनान के देबेल गांव में एक इसराइली सैनिक ने ईसा मसीह की मूर्ति को नुकसान पहुंचाया जिसकी तस्वीर वायरल होने के बाद हंगामा मच गया. इस घटना की वजह से कई देशों और धार्मिक संस्थाओं में काफी नाराजगी है. इसराइल के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ने इस हरकत की निंदा की है और मामले की जांच शुरू कर दी है.
इस घटना पर इसराइल सरकार और सेना ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने इस घटना पर गहरा दुख जताया और इसे बेहद शर्मनाक बताया. उन्होंने कहा कि सैन्य अधिकारी इस मामले की आपराधिक जांच कर रहे हैं और दोषी सैनिक पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. विदेश मंत्री Gideon Saar ने भी इसे अपमानजनक बताया और उन सभी ईसाइयों से माफी मांगी जिनकी भावनाएं इससे आहत हुई हैं. इसराइली सेना (IDF) ने फोटो की सच्चाई की पुष्टि की और कहा कि यह व्यवहार उनके सैनिकों के मूल्यों के खिलाफ है.
धार्मिक संस्थाओं और अन्य देशों की क्या प्रतिक्रिया रही?
यरूशलेम के कैथोलिक चर्च (Assembly of Catholic Ordinaries) ने इस घटना की कड़ी निंदा की और इसे ईसाई धर्म का बड़ा अपमान बताया. उन्होंने मांग की है कि इस मामले में जवाबदेही तय हो और दोषी को तुरंत सजा मिले. अमेरिका के इसराइल राजदूत Mike Huckabee ने भी सोशल मीडिया पर लिखा कि इस मामले में सख्त और सार्वजनिक सजा की जरूरत है. संयुक्त राष्ट्र ने भी पहले ही कहा था कि धार्मिक स्थलों के अपमान को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
घटना से जुड़ी मुख्य जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| स्थान | देबेल गांव, दक्षिणी लेबनान |
| तस्वीर वायरल होने की तारीख | 19 अप्रैल, 2026 |
| सैनिक की स्थिति | IDF ने सैनिक की पहचान कर उसे ढूंढ लिया है |
| कार्रवाई | क्रिमिनल प्रोब और अनुशासनात्मक जांच शुरू |
| खास परिस्थिति | घटना 10 दिनों के युद्धविराम के दौरान हुई |
| सुधार कार्य | सेना मूर्ति को ठीक करने में स्थानीय लोगों की मदद करेगी |