लेबनान के दक्षिणी इलाके से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक इसराइली सैनिक ने वर्जिन मैरी की धार्मिक मूर्ति का अपमान किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस घटना के बाद दुनिया भर के ईसाई समुदायों में काफी गुस्सा देखा जा रहा है.

🗞️: Philippines में ASEAN देशों की बड़ी बैठक, मिडिल ईस्ट युद्ध और बढ़ती महंगाई ने उड़ाई नींद, अब लिया जाएगा बड़ा फैसला

लेबनान में इसराइली सैनिक ने क्या किया

6 मई 2026 को दक्षिणी लेबनान में एक घटना घटी. वायरल वीडियो में दिख रहा है कि एक इसराइली सैनिक वर्जिन मैरी की मूर्ति के मुंह में सिगरेट लगा रहा था, जबकि वह खुद भी सिगरेट पी रहा था. इस हरकत को धार्मिक आस्था का अपमान माना जा रहा है. अल जजीरा ने इस खबर को ब्रेक‍िंग न्यूज़ के तौर पर साझा किया.

इसराइली सेना का जवाब और अंतरराष्ट्रीय कानून

इस मामले पर इसराइली सार्वजनिक प्रसारक KAN ने बताया कि इसराइली सेना (IDF) ने घटना की पुष्टि की है और मामला अभी रिव्यू के अधीन है. अंतरराष्ट्रीय कानून और 1954 के हेग कन्वेंशन के अनुसार, युद्ध के दौरान किसी भी पूजा स्थल या धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचाना प्रतिबंधित है. अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) के नियमों के मुताबिक, धार्मिक इमारतों या स्मारकों पर जानबूझकर हमला करना युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है.

क्या यह पहली बार हुआ है

रिपोर्ट्स के मुताबिक, दक्षिणी लेबनान के ईसाई बहुल इलाकों में इस तरह की कई घटनाएं पहले भी हुई हैं. इससे पहले एक इसराइली सैनिक ने ईसा मसीह की मूर्ति को तोड़ा था. इसके अलावा यरूशलेम में चर्चों और पादरियों के साथ बदसलूकी और अक्टूबर 2023 से गाजा में चर्चों पर हमलों की खबरें भी सामने आई हैं.

Frequently Asked Questions (FAQs)

यह घटना कब और कहां हुई?

यह घटना 6 मई 2026 को दक्षिणी लेबनान में हुई, जिसका वीडियो 7 मई को मीडिया और सोशल मीडिया पर वायरल हुआ.

क्या अंतरराष्ट्रीय कानून इस हरकत को अपराध मानता है?

हां, हेग कन्वेंशन और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत धार्मिक स्थलों और मूर्तियों का अपमान या उन्हें नष्ट करना युद्ध अपराध माना जाता है.