Lebanon Statue Incident: इसराइली जवान ने तोड़ी ईसा मसीह की मूर्ति, IDF ने स्वीकारा सच, अब होगा दोषी पर एक्शन
दक्षिण लेबनान के एक ईसाई गांव में इसराइली सेना के एक जवान ने ईसा मसीह की मूर्ति को हथौड़े से तोड़ दिया. सोशल मीडिया पर इस घटना के वीडियो और फोटो वायरल होने के बाद अब इसराइली सेना (IDF) ने इस बात को सच बताया है. इस घटना के बाद दुनिया भर में काफी गुस्सा देखा जा रहा है और सेना ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
इस घटना के बाद IDF ने क्या कहा?
IDF ने आधिकारिक तौर पर माना है कि फोटो में दिख रहा जवान उनकी ही सेना का है जो दक्षिण लेबनान में तैनात था. सेना ने इस हरकत को बहुत गंभीर माना है और कहा कि यह व्यवहार उनके सैनिकों से उम्मीद किए जाने वाले मूल्यों के बिल्कुल खिलाफ है. फिलहाल Northern Command इस पूरे मामले की जांच कर रही है और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे.
मूर्ति को लेकर क्या फैसला लिया गया है?
इसराइली सेना ने वादा किया है कि वे वहां के ईसाई समुदाय की मदद करेंगे ताकि टूटी हुई मूर्ति को फिर से ठीक करके उसकी जगह पर लगाया जा सके. इस मामले की जानकारी IDF के प्रवक्ता Lt. Col. Nadav Shoshani ने सोशल मीडिया के जरिए दी. वहीं, ईसाई फोरम के समन्वयक वाडी अबुनासर ने भी इस मामले में न्याय की मांग की है.
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| घटना की तारीख | 19 अप्रैल 2026 |
| जगह | देबेल गांव, दक्षिण लेबनान |
| दोषी | IDF सैनिक |
| जांच एजेंसी | Northern Command |
| IDF प्रवक्ता | Lt. Col. Nadav Shoshani |
| शुरुआती रिपोर्ट | यूनिस तिरावी (पत्रकार) |
| प्रभावित समुदाय | देबेल के ईसाई निवासी |