ग़ज़ा सिटी में एक बार फिर धमाका हुआ है जहाँ इसराइल ने आम लोगों के एक समूह पर हमला किया. यह पूरा वाकया सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है. अक्टूबर 2025 में हुए सीजफायर के वादे के बावजूद वहाँ हालात बदतर होते जा रहे हैं और हर दिन नए हमले हो रहे हैं.

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सीजफायर के बाद अब तक क्या हुआ?

अक्टूबर 2025 में अमेरिका की मदद से इसराइल और हमास के बीच सीजफायर हुआ था. इस समझौते में इसराइल की वापसी और मानवीय मदद पहुँचाने की बात कही गई थी. लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक इस समझौते के बाद भी इसराइल ने 14 अप्रैल 2026 तक करीब 2,400 बार नियमों को तोड़ा है. ग़ज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय और Al Jazeera के मुताबिक सीजफायर शुरू होने के बाद से अब तक लगभग 800 फ़िलिस्तीनियों की जान जा चुकी है जिनमें 200 से ज़्यादा बच्चे शामिल हैं.

संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकारों की क्या राय है?

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख Volker Türk ने 10 अप्रैल 2026 को साफ़ कहा कि आम नागरिकों को निशाना बनाना एक युद्ध अपराध है. उन्होंने बताया कि फ़िलिस्तीनी लोग अब भी सुरक्षित नहीं हैं और उनकी जान की कोई कीमत नहीं समझी जा रही है. वहीं संयुक्त राष्ट्र के असिस्टेंट सेक्रेटरी जनरल ने 28 अप्रैल 2026 को सुरक्षा परिषद को जानकारी दी कि सीजफायर बहुत कमज़ोर हो चुका है क्योंकि इसराइल के हमले और हमास की गतिविधियाँ लगातार जारी हैं.

मदद और इलाज की क्या स्थिति है?

ग़ज़ा में मानवीय मदद पहुँचाने का वादा पूरा नहीं हुआ है. डेटा के मुताबिक फरवरी 2026 तक तय किए गए ट्रकों में से सिर्फ 37 प्रतिशत ही अंदर जा पाए हैं. मेडिकल हालात और भी खराब हैं. reports के अनुसार 1,200 बच्चों को रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आई हैं जिससे वे लकवाग्रस्त हो गए हैं. करीब 4,000 बच्चों को बाहर इलाज की सख्त ज़रूरत है, लेकिन राफ़ाह बॉर्डर पर कड़ी पाबंदियों की वजह से फरवरी से अब तक 7,800 में से सिर्फ 625 मरीज़ ही बाहर जा पाए हैं.

Frequently Asked Questions (FAQs)

ग़ज़ा में सीजफायर कब लागू हुआ था?

अमेरिका की मध्यस्थता में इसराइल और हमास के बीच सीजफायर 10 अक्टूबर 2025 को लागू हुआ था.

सीजफायर के बाद अब तक कितने लोग मारे गए?

ग़ज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय और Al Jazeera की रिपोर्ट के अनुसार सीजफायर के बाद से अब तक करीब 800 फ़िलिस्तीनी मारे जा चुके हैं.