Gaza में इसराइल के ड्रोन हमले, कई लोग मारे गए, सीज़फायर के बाद भी जारी है हिंसा

ग़ज़ा में इसराइल के हमलों ने एक बार फिर तबाही मचा दी है। पिछले एक हफ्ते से हमले तेज़ हो गए हैं, जिससे कई लोग मारे गए और घायल हुए हैं। इस बीच वहां के अस्पतालों की हालत बहुत खराब है और वे घायलों से भरे हुए हैं। अक्टूबर 2025 में हुए सीज़फायर समझौते के बावजूद यह हिंसा जारी है।

हमलों में किसने गंवाई जान और कहां हुए हमले?

23 अप्रैल 2026 को हुए हमलों में कम से कम चार फिलिस्तीनियों की मौत हो गई और पांच लोग घायल हुए। मग़ज़ी रिफ्यूजी कैंप के पास ड्रोन हमले में तीन लोग मारे गए, जबकि खान यूनिस के दक्षिण में एक व्यक्ति की जान गई। इसके अलावा, खान यूनिस के पूर्वी हिस्सों और रफ़ाह के अल-मावासी इलाके में भी सैन्य वाहनों ने फायरिंग की। इसराइली सेना ने गाज़ा शहर के पूर्व में कई घरों और इमारतों को भी गिरा दिया।

सीज़फायर के नियमों की अनदेखी और संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट

अक्टूबर 2025 में युद्ध रोकने का समझौता हुआ था, लेकिन गाज़ा अधिकारियों के मुताबिक इसराइल ने इसके 2,400 नियमों को तोड़ा है। इस वजह से समझौते के बाद से अब तक 786 फिलिस्तीनियों की जान जा चुकी है और 2,217 लोग घायल हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख Volker Türk ने भी कहा कि गाज़ा में लोग सुरक्षित नहीं हैं और वहां नियमित हमले हो रहे हैं।

चुनाव और अन्य बड़ी घटनाएं

तनाव के माहौल के बीच 23 अप्रैल 2026 को गाज़ा में 21 साल बाद पहली बार चुनाव हुए। वहीं, Al Jazeera की रिपोर्ट के मुताबिक एक मस्जिद के पास हुए हमले में तीन बच्चों समेत पांच नागरिकों की मौत हो गई। WAFA न्यूज़ एजेंसी ने बताया कि इसराइली बस्तियों में रहने वालों ने 16 फिलिस्तीनियों को मार डाला और अन्य घटनाओं में भी जान-माल का नुकसान हुआ।