भारत में इसराइल के राजदूत Reuven Azar ने मंगलवार, 30 जून 2026 को लेबनान सरकार के साथ हुई बातचीत पर अपनी खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि यह बातचीत पश्चिमी एशिया में कूटनीति के लिए एक बहुत बड़ा मोड़ है। इसराइल का मानना है कि इस कदम से इलाके में स्थिरता आएगी।

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Hezbollah को खत्म करना शर्त

राजदूत Azar ने साफ कहा कि क्षेत्र में लंबे समय तक शांति बनाए रखने के लिए Hezbollah को पूरी तरह खत्म करना होगा और यह शर्त किसी भी हाल में बदली नहीं जाएगी। उन्होंने बताया कि इस बात पर इसराइल, लेबनान और दुनिया की बड़ी ताकतों के बीच सहमति बनी है कि Hezbollah का खात्मा करना बहुत ज़रूरी है।

अमेरिका की भूमिका और लेबनान का भविष्य

इस पूरी योजना में अमेरिका ने एक त्रिपक्षीय ढांचा (trilateral framework) तैयार किया है। इसराइल इस योजना का समर्थन कर रहा है ताकि लेबनान सरकार की ताकत बढ़े और दोनों पड़ोसी देशों के बीच शांति कायम हो। इसराइल ने यह भी स्पष्ट किया कि उसे लेबनान की किसी ज़मीन को हड़पने की कोई इच्छा नहीं है। साथ ही, वह लेबनानी सेना को दक्षिण लेबनान के इलाकों का नियंत्रण सौंपने की योजना में पूरा सहयोग करेगा।

ईरान को चेतावनी और परमाणु खतरा

ईरान के मुद्दे पर बात करते हुए राजदूत ने कहा कि लेबनान का भविष्य उसकी अपनी सरकार तय करेगी और वह किसी भी अमेरिका-ईरान शांति समझौते का हिस्सा नहीं है। इसराइल ने साफ किया कि उसका मकसद ईरान की सरकार बदलना नहीं है, बल्कि उसके परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल के खतरों को खत्म करना है।

उन्होंने यह भी कहा कि जब तक सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित नहीं होती, इसराइल दक्षिण लेबनान में Hezbollah के ठिकानों के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा और बफर ज़ोन में अपनी मौजूदगी बनाए रखेगा। राजदूत ने अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले समझौते पर सावधानी बरतने की सलाह भी दी।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.