इटली के विदेश मंत्रालय ने उन खबरों का पूरी तरह खंडन किया है जिनमें कहा जा रहा था कि वह ईरान के साथ किसी गुप्त समझौते पर बातचीत कर रहा है. हाल ही में Financial Times की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि इटली अपने तेल टैंकरों और जहाजों को Hormuz Strait से सुरक्षित निकालने के लिए ईरान से बात कर रहा है. अब इटली ने Reuters को बताया है कि ऐसी कोई भी बातचीत नहीं चल रही है और उनका फोकस सिर्फ शांति बनाए रखने पर है.

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Hormuz Strait में जहाजों की आवाजाही पर क्या है नया नियम

ईरान की सेना IRGC के कमांडर Alireza Tangsiri ने साफ कर दिया है कि Hormuz Strait से गुजरने वाले किसी भी जहाज को पहले ईरान से अनुमति लेनी होगी. बिना अनुमति के इस रास्ते से गुजरना अब संभव नहीं है और इसके लिए ईरान की नौसेना से समन्वय करना जरूरी है. ईरान के उप विदेश मंत्री Majid Takht-Ravanchi का कहना है कि जो देश इस विवाद में शामिल हैं उन्हें यहां से सुरक्षित गुजरने का फायदा नहीं मिलेगा. इस पाबंदी के कारण दुनिया भर में सप्लाई पर भारी असर पड़ा है और तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चली गई है.

इटली और G7 देशों की क्या है तैयारी

इटली ने साफ कहा है कि वह अपने जहाजों को बचाने के लिए ईरान के साथ कोई अंडर-द-टेबल डील नहीं कर रहा है. समुद्री रास्ते में आई इस रुकावट को देखते हुए इटली सहित G7 देश अब व्यापारिक जहाजों को मिलिट्री एस्कॉर्ट देने पर विचार कर रहे हैं. हालांकि 13 मार्च तक इटली के जहाजों के लिए ऐसा कोई आधिकारिक एस्कॉर्ट प्रोग्राम शुरू नहीं हुआ है. इस बीच 12 मार्च को इराकी कुर्दिस्तान में स्थित इटली के एक मिलिट्री बेस पर हमला भी हुआ था लेकिन इसमें किसी के घायल होने की खबर नहीं है.