इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni ने 3 अप्रैल 2026 को सऊदी अरब का एक औचक दौरा शुरू किया है। इस दो दिवसीय यात्रा का मुख्य उद्देश्य इटली की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना और खाड़ी देशों के साथ अपने संबंधों को और गहरा करना है। Meloni ने अपने बयान में खाड़ी देशों को इटली का सच्चा दोस्त बताया और कहा कि इटली अपनी तेल की जरूरतों के लिए इन देशों पर काफी हद तक निर्भर है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया भर में ऊर्जा की सप्लाई को लेकर चुनौतियां बनी हुई हैं।

इटली की प्रधानमंत्री के इस दौरे के मुख्य उद्देश्य क्या हैं?

प्रधानमंत्री Meloni की इस यात्रा का मकसद सिर्फ सऊदी अरब तक सीमित नहीं है, बल्कि वह कतर और यूएई (UAE) भी जा सकती हैं। इटली सरकार के अधिकारियों के अनुसार, इस दौरे के जरिए इटली अपने उन साझेदारों को समर्थन देना चाहता है जो क्षेत्रीय तनाव का सामना कर रहे हैं। इटली अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए नए रास्ते तलाश रहा है ताकि किसी भी तरह की सप्लाई में रुकावट से बचा जा सके। संघर्ष शुरू होने के बाद से सऊदी अरब का दौरा करने वाली वह यूरोपीय संघ की पहली बड़ी नेता हैं।

इटली और खाड़ी देशों के बीच सहयोग की खास बातें

इटली और खाड़ी देशों के बीच व्यापार और सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण समझौते और आंकड़े सामने आए हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • इटली अपनी तेल की जरूरतों का लगभग 15 प्रतिशत हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है।
  • खाड़ी देशों में लगभग 2,000 इतालवी सैनिक तैनात हैं जिनकी सुरक्षा इटली के लिए प्राथमिकता है।
  • प्रधानमंत्री Meloni ने पहले भी खाड़ी देशों को एयर डिफेंस सिस्टम और अन्य सहायता देने की घोषणा की थी।
  • क्षेत्र में हजारों की संख्या में इटली के नागरिक काम कर रहे हैं, जिससे इन देशों के बीच आपसी रिश्ता और मजबूत होता है।
  • इटली अब अपने ऊर्जा स्रोतों को और अधिक विविधता देने पर काम कर रहा है ताकि भविष्य में कोई संकट न हो।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.