इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni इन दिनों गल्फ देशों के एक महत्वपूर्ण दौरे पर हैं। उन्होंने शुक्रवार 3 अप्रैल को सऊदी अरब के जेद्दा में क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात की और अब वह 4 अप्रैल को कतर पहुंचने वाली हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच इटली की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना और अपने सहयोगी गल्फ देशों के साथ एकजुटता दिखाना है। मेलानी का यह दौरा इसलिए भी खास है क्योंकि वह फरवरी में शुरू हुए क्षेत्रीय संघर्ष के बाद सऊदी अरब का दौरा करने वाली पहली यूरोपीय नेता बनी हैं।

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सऊदी अरब और कतर दौरे के मुख्य उद्देश्य क्या हैं?

इटली सरकार के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इस यात्रा का प्राथमिक लक्ष्य देश की एनर्जी सिक्योरिटी को बढ़ाना है। इटली की प्रमुख ऊर्जा कंपनी Eni गल्फ के कई प्रोजेक्ट्स में निवेश कर रही है और इसे आगे भी जारी रखने की योजना है। सऊदी अरब में हुई बैठक के दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री रास्तों की सुरक्षा और ग्लोबल इकोनॉमी पर युद्ध के असर को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इटली ने स्पष्ट किया है कि वह अपने गल्फ पार्टनर्स को सुरक्षा उपकरण प्रदान करने के लिए तैयार है।

युद्ध और ऊर्जा सप्लाई पर क्या असर पड़ा है?

  • इटली को मिलने वाली LNG गैस की 10 बड़ी खेप जून के मध्य तक के लिए फिलहाल रोक दी गई हैं।
  • कतर एनर्जी के अनुसार उनकी कुल निर्यात क्षमता का करीब 17 प्रतिशत हिस्सा क्षेत्रीय तनाव के कारण प्रभावित हुआ है।
  • ईरान और इसराइल-अमेरिका के बीच जारी संघर्ष की वजह से इंटरनेशनल मार्केट में तेल और गैस की कीमतों पर दबाव बढ़ गया है।
  • इटली ने अपने नागरिकों को राहत देने के लिए फ्यूल टैक्स में कटौती को 1 मई तक बढ़ा दिया है।
  • बैंक ऑफ इटली ने युद्ध के आर्थिक प्रभावों को देखते हुए देश की विकास दर के अनुमान को भी कम कर दिया है।

प्रवासियों और आम जनता के लिए इसका क्या मतलब है?

गल्फ देशों और इटली के बीच बढ़ते व्यापारिक रिश्तों का असर वहां रहने वाले प्रवासियों पर भी पड़ता है। अगर ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ता है और सुरक्षा के मोर्चे पर सहयोग होता है, तो इससे क्षेत्र में स्थिरता आएगी। Strait of Hormuz जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों के बंद होने की आशंका से जो माल की सप्लाई और कीमतों में बढ़ोत्तरी का डर है, उसे कम करने के लिए राजनयिक कोशिशें की जा रही हैं। मेलानी ने यह साफ कर दिया है कि इटली सीधे तौर पर युद्ध में शामिल नहीं होगा बल्कि शांति और अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.