इटली की सरकार ने अमेरिका के उन बमवर्षक विमानों (Bombers) को अपने यहाँ उतरने की इजाजत देने से साफ़ मना कर दिया है जो ईरान की तरफ जा रहे थे। ख़बरों के मुताबिक अमेरिका इन विमानों को सिसिली के सिगोनेला (Sigonella) एयरबेस पर उतारना चाहता था ताकि वहां से मिडिल ईस्ट भेजा जा सके। इटली ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी युद्ध की गतिविधियों के लिए इस तरह नहीं होने देगा।

इटली ने आखिर अमेरिका को इजाजत क्यों नहीं दी?

इस पूरे मामले में कानूनी और कूटनीतिक कारण सामने आए हैं। 1950 के दशक में हुए समझौतों के अनुसार, सिगोनेला बेस का इस्तेमाल केवल रसद और ट्रेनिंग जैसे कामों के लिए ही किया जा सकता है। अगर किसी युद्ध के लिए विमानों का ट्रांजिट होना है, तो उसके लिए इटली की संसद से मंजूरी लेना अनिवार्य है। बताया जा रहा है कि अमेरिका ने विमानों के लैंड करने की अनुमति तब मांगी जब वे पहले से ही रास्ते में थे। ऐसे में इटली की सरकार के पास संसद से अनुमति लेने का समय नहीं बचा था और नियमों का उल्लंघन देखते हुए रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो ने इसे नामंजूर कर दिया।

इस फैसले से जुड़े कुछ बड़े और जरूरी अपडेट

  • स्पेन का भी इनकार: इटली के अलावा स्पेन ने भी 29 मार्च 2026 को अमेरिकी सेना के विमानों को अपने हवाई क्षेत्र (Airspace) का उपयोग करने से मना कर दिया था।
  • इटली की नीति: प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने 16 मार्च को ही साफ़ कर दिया था कि वे अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध में हिस्सा नहीं लेंगे।
  • सैनिकों की वापसी: इटली ने मिडिल ईस्ट के कुछ इलाकों से अपने सैन्य कर्मियों को वापस बुलाना भी शुरू कर दिया है।
  • मार्को रुबियो का बयान: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक इंटरव्यू में कहा था कि अमेरिका के युद्ध के उद्देश्य कुछ ही हफ्तों में पूरे हो जाएंगे।

इटली के स्थानीय अखबार कोरिएरे डेला सेरा (Corriere della Sera) ने इस खबर की पुष्टि की है। वहां की विपक्षी पार्टियों ने भी सरकार पर दबाव बनाया था कि इटली के ठिकानों का इस्तेमाल किसी भी बाहरी हमले के लिए नहीं होना चाहिए। यह फैसला दिखाता है कि यूरोपीय देश अब इस मामले में अपनी संप्रभुता और नियमों को लेकर काफी सख्त हो गए हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com