Italy ने Israel के साथ अपने डिफेंस समझौते को आगे न बढ़ाने का बड़ा फैसला किया है। प्रधानमंत्री Giorgia Meloni ने 14 अप्रैल को यह ऐलान किया। उन्होंने ईरान युद्ध और Strait of Hormuz में मचे संकट को इसकी वजह बताया। Italy अब तक Israel का एक बहुत करीबी दोस्त माना जाता था, इसलिए इस फैसले से दुनिया हैरान है।

Italy ने यह फैसला क्यों लिया और अब क्या होगा?

प्रधानमंत्री Giorgia Meloni ने कहा कि इलाके में शांति लाने के लिए बातचीत बहुत जरूरी है। खासतौर पर Strait of Hormuz की स्थिति सुधारनी होगी क्योंकि यह दुनिया भर में तेल की सप्लाई के लिए मुख्य रास्ता है। रक्षा मंत्री Guido Crosetto ने इस फैसले की जानकारी Israel के रक्षा मंत्री Israel Katz को एक आधिकारिक पत्र के जरिए दी।

इस समझौते से जुड़ी कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

विवरण जानकारी
समझौते की शुरुआत साल 2003 में साइन हुआ
लागू होने की तारीख 2005 में रैटिफाई हुआ
नवीकरण नियम हर 5 साल में ऑटोमैटिक रिन्यूअल
निलंबन की तारीख 14 अप्रैल 2026

अमेरिका और Israel की इस पर क्या प्रतिक्रिया रही?

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने इस फैसले पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने प्रधानमंत्री Meloni की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान में मदद नहीं की। Trump ने यहाँ तक कह दिया कि Meloni में साहस की कमी है।

दूसरी तरफ, Israel के विदेश मंत्रालय ने इस बात को मामूली बताया है। उनका कहना है कि यह समझौता सिर्फ एक मेमोरेंडम था जिसमें कोई खास बात नहीं थी, इसलिए इससे उनकी सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, Israel के विपक्षी नेता Yair Lapid ने अपनी ही सरकार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोस्तों को खोने के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

ईरान और अमेरिका के बीच अभी क्या स्थिति है?

खबरें हैं कि पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शांति वार्ता शुरू हो सकती है। Strait of Hormuz में तनाव बहुत ज्यादा है, जहाँ अमेरिकी युद्धपोतों ने ईरानी बंदरगाह से निकलने वाले जहाजों को वापस मोड़ दिया। ईरान ने अमेरिका के इस कदम को समुद्री डकैती करार दिया है।

इस पूरे मामले में चीन ने भी अपनी राय दी है। चीन ने अमेरिका द्वारा लगाई गई नाकेबंदी को खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना बताया। वहीं, Israel के जासूसी प्रमुख David Barnea का कहना है कि मौजूदा युद्ध से ईरानी सरकार को बहुत बड़ा झटका लगा है और उनका मिशन तभी पूरा होगा जब वहां की सरकार बदल जाएगी।