संयुक्त राष्ट्र की दूरसंचार एजेंसी ITU ने ईरान द्वारा खाड़ी देशों के डिजिटल सिस्टम पर किए गए हमलों को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। काउंसिल ने कुवैत, कतर, UAE, बहरीन और जॉर्डन के नागरिक संचार बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की निंदा की है। यह मामला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

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ITU काउंसिल ने ईरान के खिलाफ क्या कार्रवाई की?

International Telecommunication Union (ITU) की काउंसिल ने एक प्रस्ताव पास किया है। इसमें ईरान द्वारा कुवैत, कतर, UAE, बहरीन और जॉर्डन के नागरिक सूचना और संचार तकनीक (ICT) बुनियादी ढांचे पर किए गए जानबूझकर हमलों की निंदा की गई है। यह खबर 1 मई 2026 को कुवैत समाचार एजेंसी (KUNA) ने जारी की।

कुवैत के राजदूत Nasser Al-Hain ने काउंसिल को बताया कि इंटरनेट के सबमरीन केबल्स पर हमले देश की संप्रभुता और डिजिटल सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं। उन्होंने ITU के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि सभी देशों को हानिकारक हस्तक्षेप रोकना चाहिए ताकि जरूरी सेवाएं चलती रहें।

UAE और अन्य देशों पर साइबर हमलों का क्या असर हुआ?

UAE साइबर सिक्योरिटी काउंसिल के मुताबिक, 28 फरवरी 2026 से UAE पर होने वाले साइबर हमलों की संख्या तीन गुना बढ़ गई है। अब हर दिन लगभग 6 लाख हमले हो रहे हैं। इन हमलों के पीछे ईरान से जुड़े स्वतंत्र ग्रुप्स का हाथ बताया गया है।

  • Unit 42 की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के नए ग्रुप जैसे CyberAv3ngers और Storm-0784 औद्योगिक कंट्रोल सिस्टम को निशाना बना रहे हैं।
  • CSIS के विश्लेषण में पाया गया कि ईरान अब रणनीतिक तरीके से महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को टारगेट कर रहा है।
  • खाड़ी देशों ने ITU के 48 सदस्य देशों को पत्र लिखकर इन हमलों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की थी।

ईरान और ITU प्रेसिडेंट का इस मामले पर क्या कहना है?

ईरान के सूचना और संचार मंत्री Sattar Hashemi ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि अमेरिका और इसराइल ईरान के संचार सिस्टम पर हमला कर रहे हैं और ITU को उसकी निंदा करनी चाहिए। उन्होंने इसे आत्मरक्षा का मामला बताया।

दूसरी तरफ, ITU काउंसिल के प्रेसिडेंट Bosun Tijani ने कहा कि ईरान पर हुए हमलों के लिए उन्हें दुख है, लेकिन ITU एक तकनीकी संस्था है। उन्होंने जोर दिया कि इस मंच का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ITU ने ईरान के खिलाफ प्रस्ताव क्यों पास किया?

ITU ने यह प्रस्ताव कुवैत, कतर, UAE, बहरीन और जॉर्डन के नागरिक संचार बुनियादी ढांचे (ICT infrastructure) पर ईरान द्वारा किए गए जानबूझकर हमलों की निंदा करने के लिए पास किया।

UAE में साइबर हमलों की वर्तमान स्थिति क्या है?

UAE साइबर सिक्योरिटी काउंसिल के अनुसार, 28 फरवरी 2026 के बाद हमलों की संख्या तीन गुना बढ़ गई है और अब प्रतिदिन लगभग 6,00,000 साइबर हमले हो रहे हैं।