Jabalia Drone Strike: मलबे हटा रहे फिलिस्तीनी पर ड्रोन हमला, एक की मौत, सीजफायर के बाद भी जारी है हिंसा

गज़ा के जबालिया इलाके में आज एक बार फिर खून बहा है। यहाँ मलबे की सफाई कर रहे एक फिलिस्तीनी व्यक्ति की ड्रोन हमले में मौत हो गई। यह हमला ऐसे समय में हुआ जब अक्टूबर 2025 से सीजफायर का समझौता लागू है। इस घटना ने एक बार फिर इलाके में तनाव बढ़ा दिया है और हज़ारों लोग अब भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं।

जबालिया में क्या हुआ और कितना नुकसान हुआ?

22 अप्रैल 2026 को उत्तरी गज़ा के जबालिया में ओल्ड गज़ा स्ट्रीट के पास यह हमला हुआ। मेडिकल सूत्रों और Muscat Daily के मुताबिक, एक व्यक्ति की जान चली गई और दो अन्य घायल हो गए। यह हमला तब हुआ जब व्यक्ति मलबे को साफ कर रहा था। इस दौरान इलाके में काफी अफरा-तफरी मच गई और लोगों में डर का माहौल रहा।

सीजफायर के नियमों का कितना उल्लंघन हुआ है?

यह हमला अक्टूबर 2025 से चल रहे सीजफायर समझौते का बड़ा उल्लंघन माना जा रहा है। गज़ा के सरकारी मीडिया ऑफिस के अनुसार, अब तक 2,400 बार इस समझौते को तोड़ा गया है। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि सीजफायर शुरू होने के बाद से 784 लोग मारे गए और 2,214 घायल हुए हैं। UN के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने भी इन हमलों पर चिंता जताई है।

गज़ा के अन्य हिस्सों में क्या हालात हैं?

केवल जबालिया ही नहीं, बल्कि गज़ा सिटी के पूर्वी इलाकों में भी भारी गोलाबारी और फायरिंग की खबरें आई हैं। दक्षिणी गज़ा के खान यूनिस में भी इजरायली सैन्य वाहनों ने भारी फायरिंग की। कई मानवाधिकार संस्थाओं का कहना है कि यह सीजफायर अब सिर्फ नाम का रह गया है क्योंकि हमले और पाबंदियां लगातार जारी हैं।