भारत के लिए राहत की खबर है। भारतीय जहाज़ ‘Jag Vikram’ सुरक्षित तरीके से गुजरात के कांडला पोर्ट पहुँच गया है। यह जहाज़ 11 अप्रैल को हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पार कर 14 अप्रैल को भारत पहुँचा। जहाज़ में 20,400 मीट्रिक टन LPG लदा हुआ था, जिससे देश की ऊर्जा सप्लाई में मदद मिलेगी।
Jag Vikram जहाज़ की यात्रा और अहम जानकारी
यह जहाज़ अमेरिका और ईरान के बीच 14 दिनों के युद्धविराम (ceasefire) के बाद इस रास्ते से गुज़रने वाला पहला भारतीय जहाज़ बना। जहाज़ पर 24 भारतीय नाविक सवार थे जो सुरक्षित वापस लौटे हैं। इस जहाज़ का मालिकाना हक मुंबई की Great Eastern Shipping Company के पास है। शिपिंग मंत्री Sarbananda Sonowal ने भी इस सफल यात्रा की जानकारी दी है।
सरकार की तैयारी और नाविकों की वापसी
भारत सरकार का पोर्ट्स, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रहा है। अभी भी 15 भारतीय जहाज़ हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास मौजूद हैं, जिन्हें सुरक्षित वापस लाने की कोशिश जारी है। सरकार ने अब तक खाड़ी क्षेत्र से 2,177 से ज़्यादा भारतीय नाविकों को वापस भारत पहुँचाया है, जिनमें से 93 नाविक 13 अप्रैल से ठीक पहले वापस आए थे।
जहाज़ और कार्गो से जुड़ी ज़रूरी बातें
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| जहाज़ का नाम | Jag Vikram |
| कार्गो | 20,400 मीट्रिक टन LPG |
| क्रू सदस्य | 24 भारतीय नाविक |
| पहुँचने की तारीख़ | 14 अप्रैल 2026 |
| पोर्ट का नाम | कांडला पोर्ट, गुजरात |
| मालिकाना हक | Great Eastern Shipping Company |
| रास्ता | Strait of Hormuz |
