भारत और अफ्रीका के बीच गहरे वैचारिक रिश्ते, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गांधी जी के प्रभाव को किया याद.

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में नई दिल्ली में अफ्रीका दिवस के मौके पर भारत और अफ्रीका के बीच के मजबूत वैचारिक संबंधों को गहराई से साझा किया। उन्होंने नेल्सन मंडेला के उस प्रसिद्ध कथन का उल्लेख किया जिसमें कहा गया था कि भारत ने अफ्रीका को मोहनदास गांधी दिए और बदले में अफ्रीका ने हमें महात्मा बनाकर लौटाया। यह कार्यक्रम 5 अगस्त 2026 को आयोजित किया गया था, जिसकी जानकारी आधिकारिक विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर साझा की गई है।
गांधी जी की विचारधारा का अफ्रीका पर गहरा प्रभाव
विदेश मंत्री ने बताया कि किस तरह महात्मा गांधी ने अपनी अहिंसा और सत्याग्रह की विचारधारा को अफ्रीका की धरती पर ही विकसित और परिष्कृत किया। इसी विचारधारा ने बाद में अफ्रीका के महान नेताओं जैसे क्वामे नक्रमा, जूलियस न्येरेरे और नेल्सन मंडेला को बहुत प्रेरित किया। आज भी भारत और अफ्रीका के बीच के ये रिश्ते केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये एक साझा इतिहास और मूल्यों पर टिके हुए हैं जो पीढ़ियों से चले आ रहे हैं।
साझा विकास और भविष्य की योजनाएं
भारत सरकार अफ्रीका के विकास को लेकर हमेशा गंभीर रही है। विदेश मंत्री ने दोहराया कि भारत और अफ्रीका की प्रगति के रास्ते एक-दूसरे के पूरक हैं। भारत का 'विकसित भारत 2047' विजन और अफ्रीका का 'एजेंडा 2063' एक साथ मिलकर दोनों क्षेत्रों के लोगों के लिए समृद्धि लाने का काम करेंगे। भारत की विदेश नीति में अफ्रीका का स्थान बहुत महत्वपूर्ण है और इसे साबित किया गया था जब भारत की G20 अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को स्थायी सदस्य बनाया गया था।
आगामी इंडिया अफ्रीका फोरम समिट की तैयारी
आने वाले समय में भारत और अफ्रीका की साझेदारी और मजबूत होने वाली है। 3 अगस्त 2026 को एक विशेष कार्यक्रम के दौरान, एस. जयशंकर ने आगामी इंडिया अफ्रीका फोरम समिट का लोगो, थीम और वेबसाइट लॉन्च की। यह समिट 28 से 31 मई 2027 के बीच आयोजित की जाएगी, जो दोनों महाद्वीपों के बीच सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। भारत लगातार अफ्रीका के साथ समानता, आपसी सम्मान और साझा प्रगति के सिद्धांतों पर काम कर रहा है, जिससे न केवल दोनों देशों को बल्कि वहां रहने वाले प्रवासी भारतीयों को भी वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान मिल रही है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत आज अफ्रीका का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार और निवेशक बनकर उभरा है, जो वहां रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रहा है।