भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar ने शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 को ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi से फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने साफ तौर पर कहा कि किसी भी स्थिति में व्यावसायिक जहाजों और नाविकों पर हमले स्वीकार्य नहीं हैं। भारत ने क्षेत्र में जारी तनाव पर अपनी गहरी चिंता जताई और किसी भी पक्ष द्वारा किए जा रहे हमलों की निंदा की है।
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नाविकों की सुरक्षा पर भारत की चिंता
क्षेत्रीय तनाव के बीच समुद्री सुरक्षा को लेकर भारत ने अपना रुख स्पष्ट रखा है। सरकार ने संसद को बताया कि इस साल की शुरुआत से पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण 16 भारतीय नागरिकों की मौत हुई है, जिनमें 10 नाविक शामिल थे। भारत लगातार बातचीत और कूटनीति के जरिए शांति बहाली का समर्थन कर रहा है।
सुरक्षा स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर
ईरान के विदेश मंत्री ने भारत को क्षेत्र में बदलती स्थिति और चल रहे राजनयिक प्रयासों की जानकारी दी। इससे पहले 29 जुलाई 2026 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास हो रहे हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त की थी। वहीं, 24 जुलाई 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी लाल सागर में व्यावसायिक जहाजों पर दोबारा शुरू हुए हमलों पर चिंता जाहिर की थी। भारत ने यूक्रेन के विदेश मंत्री Andrii Sybiha के साथ भी काला सागर में भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया है।
