Jammu and Kashmir: राजौरी में बादल फटने से तबाही, अचानक आए सैलाब में 4 लोगों की मौत और घर हुए तबाह.

जम्मू और कश्मीर के राजौरी जिले में प्रकृति का एक भयानक रूप देखने को मिला, जहां अचानक बादल फटने के कारण भीषण बाढ़ और भूस्खलन की घटना सामने आई। इस प्राकृतिक आपदा में चार बेकसूर लोगों की जान चली गई और चारों तरफ पानी का ऐसा सैलाब आया कि मकान और बुनियादी ढांचा पूरी तरह से तहस-नहस हो गया। इस भयंकर घटना ने स्थानीय लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है और हर तरफ पानी की बर्बादी का मंजर साफ दिखाई दे रहा है।
चौदह अलग-अलग जगहों पर दिखा तबाही का मंजर
ANI News की रिपोर्ट के मुताबिक, यह शक्तिशाली बादल फटना 19 जुलाई 2026 को थानामंडी उपखंड की राजधानी पंचायत के पहाड़ी इलाके में हुआ। इस आपदा ने लगभग 14 अलग-अलग स्थानों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे स्थानीय नालों और नदियों में पानी का स्तर अचानक बहुत ज्यादा बढ़ गया। पानी के तेज बहाव ने अपने रास्ते में आने वाली हर चीज को तहस-नहस कर दिया, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया।
मुख्य बस स्टैंड और कई वाहन पानी में बहे
इस आपदा के कारण सार्वजनिक और निजी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है। राजौरी का मुख्य बस स्टैंड पूरी तरह से बह गया और बाढ़ के पानी में कई वाहन भी दूर तक बहते चले गए। कई रिहायशी मकान या तो पूरी तरह से नष्ट हो गए या फिर उन्हें गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा। अपने घरों के उजड़ने के बाद बेघर हुए परिवारों को सरकारी स्कूलों में शरण लेनी पड़ी। ऐसी ही एक घटना में छह लोगों के एक परिवार ने अपने घर के पूरी तरह मलबे में तब्दील होने से ठीक पहले बाल-बाल अपनी जान बचाई।
नदियों का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंचा
सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग के कनिष्ठ अभियंता Hamid Ahmed ने बताया कि आपदा की सुबह सुकtoh और दरहाली नदियों का जलस्तर पिछले कई वर्षों में पहली बार बाढ़ चेतावनी स्तर पर पहुंच गया था। स्थानीय कांग्रेस विधायक Iftikhar Ahmad ने संपत्ति को हुए व्यापक नुकसान की पुष्टि की है। इसके साथ ही, उपायुक्त ने कृषि क्षेत्र में हुए नुकसान का पूरा आकलन करने का आदेश दिया है और जनोपयोगी सेवाओं को जल्द से जल्द बहाल करने के निर्देश जारी किए हैं।
प्रधानमंत्री और उपराज्यपाल ने जताया दुख
इस दुखद घटना के बाद देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और राहत कार्यों के लिए हर संभव मदद देने का वादा किया है। इसके अलावा, उपराज्यपाल Manoj Sinha ने कटरा स्थित SMVD Narayana Superspeciality Hospital जाकर घायल पीड़ितों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। प्रशासन की तरफ से घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।
भारतीय सेना और राहत दलों का बचाव अभियान
प्रभावित इलाकों में लोगों को बचाने के लिए भारतीय सेना, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल यानी SDRF और स्थानीय पुलिस ने मिलकर बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान चलाया। जिला प्रशासन ने आपातकालीन सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा है और लोगों को नदियों तथा नालों से दूर रहने की सख्त चेतावनी दी है। मौसम विभाग ने पहले ही 23 जुलाई 2026 तक इस क्षेत्र में भारी बारिश की चेतावनी जारी की थी, जिसके चलते प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इस पूरी घटना के बारे में अधिक जानकारी आप ANI News की रिपोर्ट में देख सकते हैं।