जमुई के गढ़ी थाने में तैनात दारोगा प्रभात रंजन की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या की घटना ने पुलिस विभाग को हिला दिया है। इस मामले में पुलिस को पहली सफलता तब मिली जब नवादा से आरोपी मिथलेश ठाकुर को गिरफ्तार किया गया, जबकि मुख्य आरोपी कृष्ण रविदास की तलाश जारी है। इस घटना के बाद एसआईटी का गठन किया गया है ताकि इस हत्याकांड के अन्य आरोपियों को भी पकड़ा जा सके।

अवैध बालू कारोबार और प्रशासन की कार्रवाई

डीएम और एसपी ने एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि जिले में बालू के अवैध कारोबार को रोकने के लिए चार चेक पोस्ट बनाए गए हैं। इन चेक पोस्ट पर 24 घंटे दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी की तैनाती होती है। इस कार्रवाई के कारण ही दारोगा प्रभात रंजन की हत्या हुई, जिसके लिए जिला प्रशासन ने दोषियों को कड़ी सजा देने का संकल्प लिया है।

पुलिस का संकल्प और शहीद दारोगा के परिवार के प्रति सहयोग

एसपी डॉक्टर शौर्य सुमन ने इस घटना को दुखद बताया और कहा कि दारोगा प्रभात रंजन ने अवैध बालू उत्खनन कर रहे ट्रैक्टर का पीछा किया था, जिसके दौरान उनकी हत्या हुई। शहीद दारोगा के परिवार को हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया गया है, जिसमें जिले के सभी पुलिसकर्मियों ने एक दिन का वेतन उनके परिवार को देने का निर्णय लिया है। एसपी ने यह भी कहा कि इस घटना से पुलिस का मनोबल नहीं टूटेगा और अवैध उत्खनन के विरुद्ध उनका अभियान और तेज होगा।

Lov Singh

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