पूर्वी जापान में आया 5.9 तीव्रता का भूकंप, टोक्यो में हिले घर और मूसलाधार बारिश से हाल बेहाल.

पूर्वी जापान में 23 अगस्त को रात दो बजे के बाद तड़के राजधानी टोक्यो समेत कई इलाकों में धरती अचानक डोल उठी। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 5.9 मापी गई, जिससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के मुताबिक, यह भूकंप इबाराकी प्रांत में जमीन से 70 किलोमीटर की गहराई पर आया था। वहीं, यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे ने इसकी शुरुआती तीव्रता 5.8 दर्ज की थी। गनीमत यह रही कि इस जोरदार झटके के बाद देश की मौसम एजेंसी ने साफ कर दिया कि सुनामी का कोई खतरा नहीं है।
प्रधानमंत्री ने बनाई टास्क फोर्स
जापान टुडे और द जापान न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा के बाद राहत की बात यह रही कि शुरुआती तौर पर किसी के भी घायल होने या बड़े नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है। हालांकि, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि सरकार संभावित नुकसान का आकलन करने के लिए तुरंत एक विशेष टास्क फोर्स का गठन कर रही है। भूकंप के दौरान लोगों के मोबाइल फोन पर अचानक आपातकालीन संदेश आने लगे, जिससे लोग तुरंत सतर्क हो गए। इस झटके के बाद राजधानी टोक्यो के लगभग 460 घरों में बिजली गुल हो गई, जिससे लोगों को अंधेरे में परेशानी का सामना करना पड़ा।
एक दिन पहले हुई थी भयंकर बारिश
यह भूकंप ऐसे समय आया जब ठीक इससे एक दिन पहले यानी शनिवार को टोक्यो और आसपास के इलाकों को मूसलाधार बारिश का सामना करना पड़ा था। बारिश इतनी तेज थी कि कई मुख्य सड़कों पर पानी भर गया था। इटाबाशी वार्ड में तो एक घंटे में 120 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की गई। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने टोक्यो और कांटो के क्षेत्र के लिए बाढ़ का खतरा बताते हुए कुछ समय के लिए लेवल चार की इमरजेंसी वॉर्निंग जारी कर दी थी। लगातार हुई इस बारिश से सड़कें किसी तालाब जैसी दिखने लगी थीं। इसी महीने पड़ोसी चिबा प्रान्त और पूर्वी जापान के अन्य हिस्सों में भी रिकॉर्ड तोड़ बारिश हो चुकी है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।