जापान से जुड़े 10 बड़े जहाजों को हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से बाहर निकलने का रास्ता मिल गया है। ये जहाज पिछले कई महीनों से खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए थे। सोमवार, 6 जुलाई 2026 को इन जहाजों ने यहां से अपनी रवानगी शुरू की।

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इन जहाजों के काफिले में 6 बहुत बड़े कच्चे तेल के टैंकर (VLCCs) शामिल हैं, जिनमें कुल 1.2 करोड़ बैरल मिडिल ईस्ट का कच्चा तेल लदा है। इसके अलावा इसमें दो केमिकल टैंकर, एक गाड़ियों वाला जहाज और एक कंटेनर शिप भी था। इन जहाजों ने फरवरी और मार्च 2026 के बीच सऊदी अरब, UAE और कतर से तेल लोड किया था और तब से ये वहीं रुके हुए थे।

ईरान ने 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इसराइल के हमलों के जवाब में इस समुद्री रास्ते को बंद कर दिया था। इस रुकावट की वजह से कई जहाज महीनों तक फंसे रहे। ईरान ने यह भी कहा था कि केवल उसकी इजाजत मिलने पर ही जहाजों को यहां से जाने दिया जाएगा।

जापान सरकार इस मामले में लगातार कोशिशें कर रही थी। जापान के चीफ कैबिनेट सेक्रेटरी मिनोरु किहारा ने कहा था कि जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने भी जून 2026 में बताया था कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक समझौते के बाद अलग-अलग जहाजों को निकालने के लिए ईरान के साथ बातचीत की जा रही है।

जहाजों के प्रबंधन का काम संभालने वाली कंपनी Mitsui O.S.K. Lines (MOL) ने पहले कहा था कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता अपने नाविकों, सामान और जहाजों की सुरक्षा है। हालांकि कंपनी ने हालिया रवानगी पर कोई खास टिप्पणी नहीं की है।

इसी बीच एक और बड़ी खबर यह रही कि सऊदी तेल लेकर दक्षिण कोरिया जा रहा एक सुपरटैंकर भी 6 जुलाई से पहले के वीकेंड पर यहां से रवाना हुआ। जहाजों की इस हलचल की जानकारी LSEG के शिपिंग डेटा से मिली है।