जापान की बड़ी शिपिंग कंपनी Mitsui OSK Lines (MOL) ने ईरान की बात मानने से साफ़ इनकार कर दिया है। अप्रैल महीने में कंपनी के तीन बड़े जहाज बिना किसी ट्रांजिट फीस के Strait of Hormuz से गुजरकर बाहर निकले। ईरान इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से टोल टैक्स वसूलने की कोशिश कर रहा है, जिसे लेकर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद बढ़ गया है।
जापान की कंपनी ने फीस देने से क्यों किया मना?
जापान की कंपनी MOL ने कन्फर्म किया कि उनके तीन Liquefied Natural Gas (LNG) टैंकर 3, 4 और 6 अप्रैल को Strait of Hormuz से गुजरे थे। ईरान ने इन जहाजों से ट्रांजिट फीस मांगी थी, लेकिन कंपनी ने इसे देने से मना कर दिया। MOL के CEO जोतारो तामुरा ने 23 अप्रैल को कहा था कि उनकी कंपनी अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करेगी। अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक इस समुद्री रास्ते से गुजरने की आजादी सभी को है, इसलिए कंपनी भविष्य में भी ऐसी मांगें पूरी नहीं करेगी।
ईरान का नया नियम और अमेरिका की कड़ी चेतावनी
ईरान ने इस रास्ते पर अपना कंट्रोल बढ़ाने के लिए 7 मई 2026 को एक नई सरकारी एजेंसी Persian Gulf Strait Authority (PGSA) बनाई है। यह एजेंसी अब जहाजों को रास्ता देने और टोल वसूलने का काम करेगी। खबर है कि ईरान कुछ जहाजों से 20 लाख डॉलर तक की फीस मांग रहा है और वह चाहता है कि यह भुगतान उसकी अपनी करेंसी ‘रियाल’ में हो। दूसरी तरफ, अमेरिका के ट्रेजरी विभाग (OFAC) ने 5 मई को दुनिया भर की शिपिंग कंपनियों को चेतावनी दी है। अमेरिका ने साफ़ कहा है कि अगर किसी कंपनी ने ईरान को सुरक्षित रास्ता पाने के लिए पैसे दिए, तो उन पर अमेरिकी प्रतिबंध (Sanctions) लग सकते हैं।
समुद्री रास्ते पर असर और ईरान का बड़ा प्लान
- रास्ता बंद होने की खबर: शिपिंग इंटेलिजेंस फर्म Lloyd’s List Intelligence ने बताया कि 7 मई तक यह रास्ता बंद था और 4 मई के बाद से यहां कोई जहाज नहीं निकला।
- कमाई का लक्ष्य: ईरानी सांसद अहमद नादेरी ने सुझाव दिया है कि इस रास्ते पर पूरी तरह कब्जा करके ईरान साल के 10 से 15 अरब डॉलर तक कमा सकता है।
- कानूनी विवाद: अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून (UNCLOS) के तहत इस रास्ते से गुजरना सबका हक है, लेकिन ईरान ने इस कानून को पूरी तरह नहीं माना है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
PGSA क्या है और इसे क्यों बनाया गया?
PGSA का मतलब Persian Gulf Strait Authority है। ईरान ने इसे 7 मई 2026 को बनाया है ताकि वह Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों की मंजूरी दे सके और उनसे टोल टैक्स वसूल सके।
ईरान की फीस देने पर कंपनियों को क्या खतरा है?
अमेरिका के OFAC विभाग ने चेतावनी दी है कि जो भी शिपिंग कंपनी ईरान को ट्रांजिट फीस देगी, उसे अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।