Japan का बड़ा फैसला, अब Strait of Hormuz के बिना मंगवाएगा तेल, सऊदी और UAE से मांगी मदद
जापान ने अपनी तेल सप्लाई को सुरक्षित करने के लिए एक बड़ा प्लान बनाया है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को देखते हुए अब जापान Strait of Hormuz के बजाय दूसरे रास्तों से तेल मंगवाएगा। इसके लिए जापान की सरकार सऊदी अरब और UAE जैसे देशों के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि देश में तेल की कमी न हो।
जापान अब किन रास्तों से मंगवाएगा तेल?
जापान अब सऊदी अरब के यानबू पोर्ट से रेड सी के रास्ते तेल लाने की तैयारी में है। इसके अलावा, UAE के फ़ुज़ैरह पोर्ट का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि Strait of Hormuz से बचा जा सके। एक रास्ता केप ऑफ गुड होप का भी है, लेकिन इसमें 50 दिन लगते हैं और खर्चा भी बहुत ज़्यादा होता है।
| रास्ता | समय | खास बात |
|---|---|---|
| रेड सी (Yanbu Port) | 22 दिन | सऊदी अरब से पाइपलाइन के जरिए |
| UAE फ़ुज़ैरह पोर्ट | 20 दिन | Hormuz को बायपास करने का तरीका |
| केप ऑफ गुड होप | 50 दिन | सबसे लंबा और महंगा रास्ता |
तेल की कमी से बचने के लिए क्या इंतज़ाम किए गए हैं?
प्रधानमंत्री Sanae Takaichi ने ऐलान किया कि मई से 20 दिन का अतिरिक्त तेल रिज़र्व जारी किया जाएगा। जापान के पास फिलहाल इतना तेल है जो 2026 के अंत तक चल सकता है। जापान अब अमेरिका के टेक्सास से तेल की खरीद चार गुना बढ़ा रहा है।
- अज़रबैजान और कज़ाकिस्तान से तेल मंगाने पर विचार हो रहा है।
- मलेशिया, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के देशों को विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।
- मई तक जापान अपनी आधी से ज़्यादा तेल सप्लाई इन नए रास्तों से पूरा करना चाहता है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या बातचीत हुई है?
जापान के मंत्री Ryosei Akazawa ने सऊदी अरब और UAE के ऊर्जा मंत्रियों के साथ मीटिंग की है और वैकल्पिक रास्तों पर सहयोग मांगा है। इससे पहले मार्च में जापान ने ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी जैसे देशों के साथ मिलकर ईरान के हमलों की निंदा की थी और ऊर्जा बाज़ार को स्थिर रखने की बात कही थी।




