जापान में पिछले दो हफ्तों से हो रही रिकॉर्ड तोड़ बर्फबारी ने आम जीवन को पूरी तरह से रोक दिया है। 20 जनवरी के आसपास शुरू हुए इस बर्फीले तूफान का असर फरवरी आते-आते और खतरनाक हो गया है। ताजा जानकारी के मुताबिक, इस आपदा में अब तक कम से कम 30 लोगों की जान जा चुकी है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि कई इलाकों में मदद के लिए सेना (Self-Defense Forces) को तैनात करना पड़ा है।

किन इलाकों में हुआ सबसे ज्यादा नुकसान?

बर्फबारी का सबसे भयानक असर Niigata Prefecture में देखने को मिला है, जहां अकेले 12 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा Akita में 6, Aomori में 4 और Hokkaido में 3 लोगों की जान गई है। अधिकारियों ने बताया है कि देश के 8 राज्यों में मौतें हुई हैं और 12 राज्यों में करीब 324 लोग घायल हुए हैं। मरने वालों में कई बुजुर्ग शामिल हैं जो अपने घरों या छतों से बर्फ हटाने की कोशिश कर रहे थे।

एक दिन में गिरी 183 सेंटीमीटर बर्फ

मौसम की मार इतनी भयानक थी कि Aomori में 1 फरवरी, 2026 को सिर्फ एक दिन के अंदर 183 सेंटीमीटर बर्फ गिर गई। यह सामान्य औसत से लगभग तीन गुना ज्यादा है। Sapporo शहर में भी 1 मीटर से ज्यादा बर्फ जमा हो गई है। हालात को देखते हुए Aomori प्रशासन ने 2005 के बाद पहली बार सेना से मदद मांगी है ताकि भारी बर्फ के कारण इमारतों को गिरने से बचाया जा सके।

ट्रेन और फ्लाइट्स पर बुरा असर

खराब मौसम के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। 25 जनवरी से शुरू होकर लगातार तीन दिनों तक करीब 1,400 ट्रेन सेवाएं रद्द करनी पड़ीं, जिससे 4 लाख से ज्यादा यात्री परेशान हुए। इसके अलावा, New Chitose Airport पर भी लगभग 9,000 यात्री फंसे रह गए क्योंकि ट्रेनें बंद थीं और फ्लाइट्स कैंसिल हो गई थीं। प्रधानमंत्री Sanae Takaichi ने राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए एक विशेष कैबिनेट बैठक की है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.