Strait of Hormuz में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता फेल होने के बाद अब पूरी दुनिया की नज़रें इस रास्ते पर टिकी हैं. जापान के चीफ कैबिनेट सेक्रेटरी Minoru Kihara ने जानकारी दी है कि वे अभी अपनी सेना भेजने पर कोई फैसला नहीं ले पाए हैं. जापान चाहता है कि दोनों देशों के बीच जल्द से जल्द समझौता हो ताकि जहाजों का आना-जाना सुरक्षित रहे.

जापान का अब तक का क्या स्टैंड है?

जापान के चीफ कैबिनेट सेक्रेटरी Minoru Kihara ने साफ किया है कि Self-Defense Forces (SDF) को minesweeping यानी बारूदी सुरंगें हटाने के काम के लिए भेजना है या नहीं, इस पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है. जापान की सरकार चाहती है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम हो. इससे पहले प्रधानमंत्री Sanae Takaichi ने भी कहा था कि सेना तभी भेजी जाएगी जब वहां युद्धविराम हो और यह कानूनी तौर पर सही हो. जापान ने अभी किसी भी देश से कोई पक्का वादा नहीं किया है.

Strait of Hormuz में अभी क्या हालात हैं?

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी का ऐलान किया है, जिसकी वजह से वहां जहाजों की आवाजाही रुक गई है. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड का कहना है कि गैर-सैन्य जहाजों के लिए रास्ता खुला है, लेकिन सैन्य जहाजों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. वहीं सिंगापुर के विदेश मंत्री Vivian Balakrishnan ने साफ कह दिया है कि वे ईरान को रास्ता इस्तेमाल करने के लिए कोई ट्रांजिट फीस नहीं देंगे क्योंकि अंतरराष्ट्रीय कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है.

अब तक की बड़ी बातें और तारीखें

तारीख क्या हुआ
19 मार्च 2026 Donald Trump ने जापान से नेविगेशन में मदद मांगी
22 मार्च 2026 जापान ने कहा कि युद्धविराम के बाद सेना भेजने पर विचार हो सकता है
26 मार्च 2026 PM Sanae Takaichi ने कानून के मुताबिक फैसला लेने की बात कही
8 अप्रैल 2026 दो हफ्ते के युद्धविराम के फैसले का जापान ने स्वागत किया
13 अप्रैल 2026 जापान ने सेना भेजने पर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया