Gaza Ceasefire: अमेरिका और मिस्र के बीच गाज़ा संघर्ष विराम को लेकर हुई अहम बैठक, सभी पक्षों से समझौते के पालन की अपील.

अमेरिका के विशेष दूत और राष्ट्रपति सलाहकार Jared Kushner ने 16 अगस्त 2026 को मिस्र के अल-अलामीन शहर में मिस्र के राष्ट्रपति Abdel Fattah el-Sisi के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस उच्च स्तरीय मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने गाज़ा में चल रहे संघर्ष विराम को पूरी तरह से लागू करने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की। राष्ट्रपति सीसी के आधिकारिक प्रवक्ता Mohamed El-Shennawy ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि संघर्ष विराम समझौते के तहत सभी पक्षों को अपनी जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी से निभाना होगा। यह समझौता पिछले अक्टूबर 2025 से लागू है और इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में शांति और स्थिरता कायम करना है।
द्विपक्षीय संबंधों और शांति प्रयासों पर चर्चा
बैठक के दौरान अमेरिकी दूत ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की तरफ से व्यक्तिगत शुभकामनाएं भी साझा कीं। वहीं मिस्र के राष्ट्रपति ने अमेरिका और मिस्र के बीच लंबे समय से चले आ रहे द्विपक्षीय संबंधों के रणनीतिक महत्व को रेखांकित किया। दोनों देशों के शीर्ष अधिकारियों का मानना है कि इस समझौते को जमीन पर उतारने के लिए निरंतर कूटनीतिक प्रयासों की जरूरत है ताकि आम लोगों को राहत मिल सके। इस बीच काहिरा में भी कई उच्च स्तरीय कूटनीतिक बैठकें चल रही हैं, जहां विभिन्न पक्षों के प्रतिनिधि लगातार संपर्क में हैं।
काहिरा में हमास प्रतिनिधिमंडल की बैठक
एक तरफ जहां अमेरिकी दूत मिस्र के राष्ट्रपति से मिल रहे थे, वहीं दूसरी तरफ काहिरा में हमास का एक प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद था। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व Khalil al-Hayya कर रहे थे, जिन्होंने इजरायल द्वारा कथित रूप से truce के उल्लंघन के मुद्दों पर मिस्र के खुफिया अधिकारियों के साथ बातचीत की। हमास ने अमेरिका समर्थित बोर्ड ऑफ पीस द्वारा तैयार किए गए 15 सूत्रीय शांति रोडमैप का पालन करने की अपनी बात दोहराई है। हालांकि, इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu द्वारा इस प्रस्ताव को हाल ही में खारिज किए जाने के बाद से क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। इस शांति योजना में गाज़ा पट्टी के पूरी तरह से विसैन्यीकरण की मांग की गई है। संघर्ष विराम लागू होने के बावजूद गाज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा लगातार सैन्य गतिविधियों के कारण हताहतों की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है। इस पूरी घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी Uniindia के माध्यम से सामने आई है।